बागपत: दोघट में भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि उनका परिवार तीन पीढ़ियों से चौधरी जयंत सिंह के परिवार के निकट संबंध में रहा है। टिकैत ने बुधवार को दोघट कस्बे में राजेंद्र चौधरी के निवास पर जाकर यह बात कही। उन्होंने बताया कि उनके हालिया बयान का उद्देश्य केवल जयंत सिंह को समझाना था, लेकिन इसे राजनीतिक रंग दे दिया गया।

उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के साथ उनके पिता बाबा महेंद्र सिंह टिकैत ने संघर्ष किया और बाद में पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजित सिंह ने हर स्तर पर उनका समर्थन किया। वर्तमान में वे केंद्रीय राज्यमंत्री चौधरी जयंत सिंह के साथ खड़े हैं। टिकैत ने स्पष्ट किया कि हलवाई–ततैया वाला उदाहरण केवल संवाद स्थापित करने के लिए दिया गया था और इसे विवादित रूप देने की जरूरत नहीं थी।

भाकियू अध्यक्ष ने केंद्र सरकार के अमेरिका के साथ किए गए व्यापार समझौते पर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि अगर अमेरिकी कंपनियां देश में आती हैं, तो यह किसानों के लिए जोखिम भरा होगा। उन्होंने सरकार से अपील की कि किसी भी समझौते से पहले किसानों की राय अवश्य ली जाए। टिकैत ने चेतावनी दी कि इस मामले पर भाकियू किसानों के साथ सड़क पर उतरकर आंदोलन करने में पीछे नहीं हटेगी।

जिला पंचायत चुनाव पर टिकैत ने कहा कि चुनाव निष्पक्ष होना चाहिए और जहां निर्विरोध प्रत्याशी हैं, वहीं चुनाव कराए जाने चाहिए। इससे विवाद कम होंगे और फिजूलखर्ची रोकी जा सकेगी। भाकियू इस बार चुनाव में हिस्सा नहीं लेगी और जहां किसी प्रत्याशी को कम वोट मिल रहे हैं, उन्हें चुनाव से पीछे हटकर दूसरों का समर्थन करना चाहिए।

इसके अलावा उन्होंने कहा कि चीनी मिलों को किसानों का गन्ना भुगतान 14 दिनों में करना चाहिए और आंदोलन में शामिल किसानों के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमे वापस किए जाएं।

टिकैत ने हलवाई–ततैया वाले बयान पर कहा कि चौधरी जयंत सिंह सरकार में हैं, इसलिए वे सरकार के खिलाफ खुलकर नहीं बोल सकते। इस पर रालोद प्रमुख जयंत चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जवाब देते हुए कहा कि उन्हें मीठे का कोई शौक नहीं है और उदाहरण को गंभीरता से नहीं लेना चाहिए।