बागपत: नवरात्र के पावन अवसर पर कुट्टू के आटे का सेवन कई लोगों के लिए मुसीबत का कारण बन गया। जिले के एडीएम न्यायिक शिब नारायण और उनके कुक सतीश की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।

गोरीपुर गांव से मंगवाया गया आटा

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एडीएम और उनके कुक ने रात में गोरीपुर गांव से पिसा हुआ कुट्टू का आटा मंगवाया था। इसी आटे से बनी पकौड़ी खाने के बाद दोनों की तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें पेट दर्द, उल्टी और अन्य गंभीर लक्षण होने पर तुरंत अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू कर दिया और उनकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है।

कुट्टू के आटे की गुणवत्ता पर सवाल

इस घटना ने कुट्टू के आटे की गुणवत्ता और वितरण को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासनिक अधिकारी यह जांच कर रहे हैं कि आटा किस स्रोत से आया और उसमें कौन-सी मिलावट या समस्या थी, जिसने गंभीर प्रतिक्रिया दी। यह भी पता लगाया जा रहा है कि यह विशेष बैच की समस्या थी या किसी बड़े सप्लाई रैकेट का हिस्सा।

जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दिए

घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तुरंत जांच के आदेश जारी किए हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पूरे मामले की तह तक जाएं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। साथ ही, खाद्य सुरक्षा विभाग को भी सतर्क किया गया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

कुट्टू के आटे की कचौरी से छह लोग बीमार

सिर्फ अधिकारियों ही नहीं, बल्कि कुट्टू के आटे की कचौरी खाने से एक ही परिवार के छह लोग, जिसमें एक रेलवे कर्मचारी भी शामिल है, बीमार हो गए। सभी को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।