बड़ौत क्षेत्र में बावली नहर की पटरी के पास स्थित एक जर्जर भवन में चल रही अवैध तमंचा फैक्टरी का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। बड़ौत कोतवाली पुलिस और स्वाट टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए छापेमारी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि गिरोह का सरगना मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में अवैध हथियार और निर्माण सामग्री बरामद की है।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने जब खंडहरनुमा इमारत पर दबिश दी, तो वहां कुछ लोग तमंचे बनाते हुए पाए गए। पुलिस को देखते ही आरोपी भागने लगे, लेकिन घेराबंदी कर सलीम, फरमान और शोएब को पकड़ लिया गया। मौके से 18 तमंचे, दो बंदूकें, छह अधबने तमंचे और हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए गए।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सलीम निवासी करनावल (मेरठ), वर्तमान में पांची, फरमान निवासी पांची और उसका भाई शोएब निवासी पांची के रूप में हुई है। वहीं इस गिरोह का सरगना मेहरबान, जो फरमान और शोएब का पिता है, मौके से फरार होने में सफल रहा। पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सलीम पहले करनावल से पांची आकर रह रहा था और यहां कथित रूप से झोलाछाप चिकित्सक के रूप में भी काम कर रहा था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गिरोह लंबे समय से अवैध हथियार बनाकर सप्लाई कर रहा था।
एसपी सूरज कुमार राय ने बताया कि फरार आरोपी मेहरबान का आपराधिक इतिहास भी रहा है। वह पहले भी तमंचा फैक्टरी मामले में जेल जा चुका है और हाल ही में जमानत पर बाहर आया था। बाहर आते ही उसने अपने साथियों के साथ मिलकर फिर से यह अवैध कारोबार शुरू कर दिया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि हाल ही में एक युवक के पकड़े जाने के बाद मिले इनपुट के आधार पर पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। अब पुलिस तमंचे खरीदने वाले लोगों की भी पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रही है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।