बागपत। महाशिवरात्रि के अवसर पर पुरा महादेव मंदिर में लगने वाले फाल्गुनी मेले को देखते हुए जिले में तीन दिन विशेष ट्रैफिक प्लान लागू रहेगा। यातायात पुलिस ने 14 फरवरी सुबह 8 बजे से 16 फरवरी रात 8 बजे तक रूट डायवर्जन लागू करने की घोषणा की है। इस अवधि में कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही सीमित रहेगी और उन्हें वैकल्पिक रास्तों से भेजा जाएगा।
इन मार्गों पर रहेगा प्रतिबंध
मेले के दौरान दिल्ली–सहारनपुर नेशनल हाईवे, बड़ौत–बुढ़ाना मार्ग और मेरठ–बागपत हाईवे के कुछ हिस्सों पर वाहनों का प्रवेश रोका जाएगा। शामली की ओर से दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा जाने वाले वाहनों को दिल्ली–सहारनपुर हाईवे पर नहीं आने दिया जाएगा। ऐसे वाहनों को पानीपत, करनाल और सोनीपत होते हुए एनएच-1 के जरिए आगे भेजा जाएगा।
इसी तरह दिल्ली और नोएडा की ओर से आने वाले वाहनों को पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के मवीकलां कट से जिले में प्रवेश नहीं मिलेगा। उन्हें भी हरियाणा की ओर से वैकल्पिक मार्ग अपनाने होंगे।
बड़ौत–बुढ़ाना मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। इन्हें शामली से करनाल और पानीपत के रास्ते डायवर्ट किया जाएगा। निवाड़ा पुल से भी जिले में प्रवेश बंद रहेगा।
अन्य रूटों पर भी बदलाव
शामली–मुजफ्फरनगर और हापुड़–बुलंदशहर जाने वाले वाहनों को एक्सप्रेसवे और एनएच-1 के जरिए भेजा जाएगा। बागपत–मेरठ हाईवे से आने वाले वाहनों को राष्ट्र वंदना चौक से डायवर्ट कर पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की ओर मोड़ा जाएगा। हरियाणा की दिशा में जाने वाले वाहनों को कुंडली के रास्ते भेजने की व्यवस्था की गई है।
मेरठ की ओर से आने वाले वाहनों को हिंडन पुल से पहले ही रोक दिया जाएगा। वहीं मेरठ–बड़ौत मार्ग पर खिवाई तिराहे और बरनावा आश्रम के पास भी ट्रैफिक नियंत्रण रहेगा।
एएसपी प्रवीण कुमार चौहान ने बताया कि डायवर्जन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है और लोगों से एडवाइजरी का पालन करने की अपील की गई है।
मेला तैयारियों का निरीक्षण
फाल्गुनी मेले की तैयारियों का जायजा लेने के लिए एसपी सूरज कुमार राय ने बुधवार को पुरा महादेव मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने पार्किंग स्थल, प्रवेश व निकासी मार्ग, बैरिकेडिंग, सीसीटीवी कंट्रोल रूम और ड्यूटी प्वाइंट्स की व्यवस्था देखी। अधिकारियों को मेले से पहले सभी तैयारियां पूरी करने और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान सीओ रोहन चौरसिया समेत अन्य अधिकारी और मंदिर समिति के सदस्य मौजूद रहे।