बिजनौर। बेसिक शिक्षा विभाग में लापरवाही और अनुशासनहीनता के मामलों पर सख्त कार्रवाई करते हुए बीएसए ने एक शिक्षिका और एक प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया है। दोनों मामलों में विभागीय नियमों की अनदेखी और कर्तव्य पालन में गंभीर लापरवाही के आरोप सामने आए हैं।

पहले मामले में प्राथमिक विद्यालय रसूलपुर देहात में तैनात शिक्षिका रीता के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जानकारी के अनुसार, वे लंबे समय से बिना विभागीय अनुमति के विद्यालय से अनुपस्थित चल रही थीं और विदेश में रहने का मामला भी सामने आया है। खंड शिक्षा अधिकारी बूढ़नपुर की रिपोर्ट के बाद मामला बीएसए कार्यालय तक पहुंचा।

जांच में पाया गया कि शिक्षिका पूर्व में भी बिना स्वीकृति के लगभग तीन वर्ष तक अवैतनिक अवकाश पर विदेश में रह चुकी हैं। इस दौरान उन्होंने बताया था कि वे अपने पति, जो भारतीय दूतावास में कार्यरत हैं, के साथ थीं। हालांकि विभागीय अनुमति के बिना लंबी अनुपस्थिति को नियमों का उल्लंघन माना गया।

इसके अलावा वर्तमान में भी 22 सितंबर 2025 से वह विद्यालय से अनुपस्थित हैं। बीएसए कार्यालय के अनुसार, इस अवधि में भी उनके विदेश में रहने की जानकारी सामने आई है। विभाग ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए शिक्षिका को निलंबित कर दिया है और उन्हें ब्लॉक संसाधन केंद्र अल्हैपुर से संबद्ध किया गया है।

दूसरे मामले में कोतवाली ब्लॉक के हरवंशपुर तारम स्थित कंपोजिट विद्यालय के प्रधानाध्यापक सलाहुद्दीन पर कार्रवाई की गई है। बताया गया कि विद्यालय परिसर के ऊपर से गुजर रही बिजली लाइन को हटाने के लिए विद्युत निगम की टीम पहुंची थी, लेकिन प्रधानाध्यापक द्वारा विरोध किया गया और कार्य में बाधा उत्पन्न की गई।

जांच के अनुसार, बिजली लाइन शिफ्ट करने के प्रयास के दौरान विद्यालय का गेट बंद कर दिया गया और कर्मचारियों को काम से रोका गया। बाद में जेई द्वारा संपर्क किए जाने के बावजूद लाइन शिफ्टिंग की अनुमति नहीं दी गई।

इस लापरवाही और कर्तव्यहीनता को गंभीर मानते हुए बीएसए ने प्रधानाध्यापक सलाहुद्दीन को भी निलंबित कर दिया है और उन्हें ब्लॉक संसाधन केंद्र अल्हैपुर से संबद्ध किया गया है।