बिजनौर के कादराबाद क्षेत्र स्थित गांव रसूलपुर आबाद में वन विभाग की उड़न दस्ते टीम ने अवैध लकड़ी तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने एक निर्माणाधीन ओवरहेड टैंक परिसर के भीतर बोरिंग स्थल से प्रतिबंधित जंगल की बड़ी मात्रा में लकड़ी बरामद की है। बरामद लकड़ी का अनुमानित वजन करीब 80 से 100 क्विंटल बताया जा रहा है।

छापेमारी के दौरान वन विभाग ने मौके से खैर, शीशम, सागौन और कुकाट जैसी कीमती लकड़ियां जब्त कीं। यह कार्रवाई मंगलवार को मुरादाबाद से आई उड़न दस्ते की टीम द्वारा अंजाम दी गई, जिसने अनीस पुत्र अफसर अहमद के लकड़ी पड़ाव पर दबिश दी।

निरीक्षण के दौरान टीम को निर्माणाधीन ओवरहेड टैंक परिसर के बोरिंग स्थल के अंदर और बाहर लकड़ी का बड़ा जखीरा मिला। इसके बाद वन कर्मियों ने श्रमिकों की मदद से सभी लकड़ियों को ट्रैक्टर-ट्रालियों में लादकर कब्जे में ले लिया और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी।

स्थानीय जानकारी के अनुसार, चार दिन पहले जिलाधिकारी जसजीत कौर ने इसी क्षेत्र में चल रहे ओवरहेड टैंक निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया था और व्यवस्थाओं को सुधारने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद परिसर में अवैध रूप से रखी गई लकड़ी को हटाने की कार्रवाई नहीं की गई।

यह भी सामने आया है कि ग्राम प्रधान के घर से महज कुछ दूरी पर इतनी बड़ी मात्रा में लकड़ी जमा थी, फिर भी स्थानीय स्तर पर किसी को इसकी जानकारी नहीं होने का दावा किया गया।

ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से प्रतिबंधित लकड़ी की अवैध कटाई और तस्करी जारी है। बताया जाता है कि रोजाना दोपहिया वाहनों के जरिए जंगल से कीमती लकड़ी लाकर सप्लाई की जाती है। लोगों का यह भी कहना है कि कुछ स्थानीय स्तर पर मिलीभगत के चलते इस अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है।

वन विभाग के अनुसार, बरामद लकड़ी को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है और उच्च अधिकारियों को पूरी रिपोर्ट भेजी जा रही है।