बिजनौर। खुद को इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) का डिप्टी कमिश्नर बताकर सरकारी अधिकारियों पर धौंस जमाने वाले एक व्यक्ति को मेरठ एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान मनोज कुमार के रूप में हुई है, जो नगीना थाना क्षेत्र के त्रिलोकवाला गांव का रहने वाला है। वह पिछले करीब पांच वर्षों से नगीना रोड स्थित गुलमोहर रेस्टोरेंट के पास किराए के मकान में रह रहा था। शासन स्तर से मिले इनपुट के बाद एसटीएफ ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखते हुए कार्रवाई की।

एसटीएफ सूत्रों के अनुसार, आरोपी लगातार खुद को खुफिया एजेंसी का वरिष्ठ अधिकारी बताकर विभिन्न सरकारी दफ्तरों में प्रभाव दिखाने की कोशिश करता था। हाल ही में उसकी हरकतों पर शक गहराया, जिसके बाद विस्तृत जांच शुरू की गई। इंस्पेक्टर रविंद्र कुमार के नेतृत्व में एसटीएफ की टीम ने धामपुर पहुंचकर उसे हिरासत में लिया और शुक्रवार शाम उसे गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल उसकी कॉल डिटेल और संपर्कों की जांच की जा रही है।

बताया गया कि 24 दिसंबर को आरोपी की पत्नी अपर्णा की धामपुर ईदगाह के पास एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इसके बाद मनोज खुद को आईबी का डिप्टी कमिश्नर बताकर अधिकारियों पर अनावश्यक दबाव बनाने लगा। इसी दौरान उसके दावों की सत्यता पर सवाल उठे और जांच आगे बढ़ी।

एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि मनोज कुमार पोस्ट ग्रेजुएट है और उसकी बातचीत का तरीका काफी प्रभावशाली है। इसी का फायदा उठाकर वह लोगों को काम कराने का भरोसा देता और सरकारी अफसरों पर असर डालने की कोशिश करता था। वह कई सरकारी कार्यालयों में जाकर खुद को आईबी अधिकारी बताकर अपने काम निकलवाने का प्रयास करता रहा है।

जानकारी के मुताबिक, आरोपी दवाइयों के होलसेल कारोबार से जुड़ा हुआ है और उसका संपर्क कई डॉक्टरों और मेडिकल स्टोर संचालकों से था। प्रभाव बढ़ाने के लिए वह इन लोगों के बीच भी खुद को खुफिया एजेंसी का अधिकारी बताता था। धामपुर के सीओ अभय कुमार पांडेय ने बताया कि शासन से मिले इनपुट के आधार पर एसटीएफ ने कार्रवाई की है। आरोपी से पूछताछ जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया की जाएगी।