लखनऊ: बजट सत्र के दौरान विपक्ष के हमलों से निपटने और चुनावी तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से रविवार को भाजपा विधानमंडल दल की अहम बैठक हुई। लोकभवन में आयोजित इस बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रियों और विधायकों को सदन में नियमित उपस्थिति और पूरी तैयारी के साथ रहने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सत्र के दौरान भी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का काम किसी भी हालत में प्रभावित नहीं होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों को अपने कार्यालय सक्रिय रखने को कहा और निर्देश दिया कि पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने, मृत व्यक्तियों के नाम हटाने और पते में बदलाव से जुड़ी प्रविष्टियों को ठीक कराने के लिए अधिक से अधिक आवेदन कराए जाएं। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए एसआईआर बेहद अहम है और इसमें लापरवाही पार्टी को नुकसान पहुंचा सकती है। बाद में मुख्यमंत्री ने अपने आवास पर भाजपा सचेतक दल के साथ भी बैठक कर सदन संचालन की रणनीति पर चर्चा की।
विपक्ष के दुष्प्रचार से सतर्क रहने की अपील
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि विपक्ष सत्र के दौरान भ्रम फैलाने की कोशिश करेगा, लेकिन तथ्यों के साथ उसका जवाब दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि विधायकों के लिए सत्र के दौरान स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए जाएंगे, ताकि वे स्वस्थ रहकर सदन की कार्यवाही में भाग ले सकें।
वहीं, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सभी से अभी से चुनावी तैयारियों में जुटने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पार्टी का लक्ष्य इस बार और बड़े बहुमत के साथ सत्ता में लौटना है। साथ ही राज्यपाल के अभिभाषण और बजट चर्चा में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
बजट पर पूरी तैयारी जरूरी
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि 11 फरवरी को पेश होने वाले बजट का सभी विधायक गंभीरता से अध्ययन करें, ताकि विपक्ष के सवालों का ठोस जवाब दिया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य फोकस विकास कार्यों पर है और विपक्ष के दुष्प्रचार से बचना जरूरी है।
समर्पण दिवस में उपस्थिति अनिवार्य
प्रदेश भाजपा के संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने जानकारी दी कि पंडित दीन दयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर पार्टी ‘‘समर्पण दिवस’’ मनाएगी, जिसमें सभी विधायकों की मौजूदगी जरूरी होगी। उन्होंने एसआईआर अभियान में संगठन के साथ मिलकर सक्रिय भूमिका निभाने की भी अपील की।
एक विधायक की गैरहाजिरी बनी चर्चा का विषय
चारखारी से भाजपा विधायक ब्रजभूषण राजपूत, जो हाल ही में जलशक्ति मंत्री के काफिले से जुड़े विवाद को लेकर चर्चा में थे, इस बैठक में शामिल नहीं हुए। उनकी गैरमौजूदगी को लेकर राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं होती रहीं।