भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने पार्टी के जनप्रतिनिधियों को कड़े शब्दों में सचेत करते हुए कहा है कि वे किसी भी प्रकार की नकारात्मक या जाति आधारित राजनीति से दूर रहें। मीडिया में सामने आई एक जाति विशेष के भाजपा जनप्रतिनिधियों की कथित बैठक से जुड़ी खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की गतिविधियां भाजपा के संविधान, विचारधारा और परंपराओं के अनुरूप नहीं हैं। भाजपा एक सिद्धांतवादी दल है, जो समाज के किसी वर्ग या समूह के आधार पर राजनीति करने में विश्वास नहीं करता।

प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि समाचारों में यह उल्लेख किया गया था कि हाल ही में विधानसभा सत्र के दौरान कुछ जनप्रतिनिधियों ने एक विशेष भोज का आयोजन किया, जिसमें समाज विशेष से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। इस मामले को लेकर संबंधित जनप्रतिनिधियों से बातचीत की गई है और उन्हें स्पष्ट रूप से समझाया गया है कि इस तरह के आयोजन पार्टी की मर्यादाओं के खिलाफ हैं। साथ ही भविष्य में ऐसी किसी भी गतिविधि को लेकर पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

पंकज चौधरी ने कहा कि इस प्रकार की घटनाओं से समाज में गलत संदेश जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आगे चलकर किसी भी जनप्रतिनिधि द्वारा ऐसी गतिविधियों को दोहराया गया तो उसे पार्टी संविधान के तहत अनुशासनहीनता माना जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने आगे कहा कि भाजपा विविधताओं से भरे लोकतंत्र में समावेशी और सर्वव्यापी राजनीति को मजबूती से आगे बढ़ा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास और राष्ट्रवाद पर आधारित राजनीति को जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है, जिसके चलते प्रदेश में विपक्ष की जाति आधारित राजनीति कमजोर होती जा रही है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में भाजपा ने सामाजिक न्याय, समरसता और विकास पर आधारित राजनीति को स्थापित किया है, जिससे जातिगत राजनीति करने वाली पार्टियों को लगातार जनसमर्थन खोना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि बदलते राजनीतिक हालात में समाज को बांटने वाली राजनीति करने वाले दल हताशा में भाजपा के खिलाफ नकारात्मक माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में भाजपा के जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे पार्टी की मर्यादा और अनुशासन का पालन करते हुए ऐसे किसी भी नकारात्मक नैरेटिव से स्वयं को दूर रखें।