संभल जिले के सिरसी कस्बे के मोहल्ला शर्की में सरकारी जमीन पर बनाए गए अवैध मकानों को सोमवार से हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने जेसीबी मशीनों की मदद से मकानों को गिराना शुरू किया। ये मकान लगभग दस साल पहले ग्राम समाज और खाद के गड्ढों की आरक्षित भूमि पर बनाए गए थे। लंबे समय से मामले को लेकर शिकायतें जारी थीं, जो अंततः तहसीलदार न्यायालय तक पहुंच गईं।
न्यायालय ने सुनवाई के दौरान सभी तथ्यों को देखते हुए मकान खाली करने के आदेश दिए थे। इसके बावजूद मकान मालिक समय पर अपने घर खाली नहीं कर सके। अदालत के आदेश के पालन में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया और मकानों को ध्वस्त करने का आदेश जारी किया। इसी क्रम में रविवार से कार्रवाई शुरू हुई, जिसमें नायब तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम मौके पर मौजूद रही।
किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल को भी एहतियातन तैनात किया गया। प्रशासन द्वारा नोटिस जारी होने के बाद इलाके में हलचल मच गई थी। शनिवार को नायब तहसीलदार बबलू कुमार ने राजस्व टीम के साथ आठ मकानों के मालिकों को नोटिस थमाया था। नोटिस में मकान सोमवार तक खाली करने की अंतिम तारीख दी गई थी। कुछ मकान मालिकों ने कार्रवाई की आशंका देखते हुए रविवार को ही अपने घरों को खुद तोड़ना शुरू कर दिया।
तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि यह सभी मकान आरक्षित सरकारी भूमि पर बनाए गए थे और न्यायालय के आदेश के तहत ही इन्हें खाली कराया जा रहा है। रविवार को अयूब हसन, जुल्फिकार हुसैन, असकरी, कामिल और मोहम्मद समेत कई लोगों के मकानों को तोड़ा गया। कार्रवाई के दौरान मकान मालिक भावनात्मक रूप से टूटते दिखाई दिए। वर्षों की मेहनत से बनाए गए मकानों के गिरते देख परिवारों में गम और आक्रोश दोनों देखने को मिला।
प्रशासन का कहना है कि सरकारी और आरक्षित भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना उनकी जिम्मेदारी है। यह कार्रवाई पूरी तरह न्यायालय के आदेश और नियमों के अनुसार की जा रही है।