प्रतापगढ़। चौक बाजार के रहने वाले कपड़ा व्यापारी और तांत्रिक विजय सिंह की हत्या का मामला पुलिस ने रविवार को सुलझा लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि हत्या का कारण तंत्र साधना से लाभ न मिलना, आर्थिक नुकसान और लगातार धन की मांग थी।

मुख्य आरोपी राजन सोनकर, जो छोटा गोरियाना कस्बे के निवासी हैं, ने तीन साथियों के साथ मिलकर 7 जनवरी की रात यह वारदात अंजाम दी। पहले विजय को वार कर बेहोश किया गया, फिर तीन आरोपियों ने उनके हाथ-पैर पकड़े और सिर को धड़ से अलग कर दिया।

एसपी अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि राजन सोनकर और उनकी मां लंबे समय से विजय सिंह से झाड़-फूंक करवाते रहे थे, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। इस बीच विजय की ओर से लगातार धन की मांग बढ़ने से तनाव और नाराजगी पैदा हुई। इसी तनाव के चलते राजन ने साथियों संग साजिश रची और हत्या को अंजाम दिया।

पुलिस ने आरोपी के निशानदेही पर विजय का सिर उनके घर के पास गदहिया तालाब के पास स्थित पुराने कुएं से बरामद किया। इस मामले में गड़ासा, चार मोबाइल फोन, मृतक के कपड़े, ईंटें और घटना में प्रयुक्त कार समेत अन्य सामग्री भी पुलिस को मिली।

हत्या की योजना:
राजन सोनकर ने अपने तीन साथियों के साथ वारदात की पूरी योजना बनाई। उन्होंने 7 जनवरी को विजय को फोन कर प्रतापगढ़ से बुलाया और देवा शरीफ जाने का झूठा बहाना बनाया। इसके बाद कार किराये पर ली गई और विजय को हाईवे के पास भांजी के घर बुलाया गया। रात करीब 10 बजे सभी कार से निकले और मोहनगंज मार्ग की बजाय रायबरेली की ओर चले गए।

मोजमगंज नाले के पास कार को रोककर विजय को नीचे उतारा गया और कुछ दूरी पैदल चलने पर राजन ने पीछे से गड़ासे से वार किया। विजय बेहोश हो गए। चारों आरोपियों ने उन्हें नाले के पास घसीट कर पैर और हाथ पकड़े, फिर राजन ने गर्दन पर वार कर सिर को धड़ से अलग कर दिया। धड़ को नाले में फेंक दिया गया, जबकि सिर को बोरी में ईंटों के साथ पुराने कुएं में डालकर हत्या का प्रमाण छिपाया गया।