उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से दिलाने के लिए फार्मर रजिस्ट्री को अत्यंत आवश्यक बताया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह रजिस्ट्री सभी कृषि एवं संबंधित विभागीय योजनाओं से जोड़ी जाए, ताकि पंजीकृत किसानों को गेहूं, दलहनी और तिलहनी फसलों की खरीद के साथ-साथ बीज, उर्वरक, कृषि यंत्र, कृषि रक्षा रसायन और अन्य योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से मिल सके।
सोमवार को आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलों में फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया को अभियान की तरह तेजी से पूरा कराया जाए। उन्होंने प्रत्येक ग्राम पंचायत में विशेष कैम्प आयोजित कर किसानों की रजिस्ट्री से जुड़ी समस्याओं का तत्काल समाधान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके लिए राजस्व विभाग, कृषि विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को समन्वय से काम करने को कहा गया।
मुख्यमंत्री ने यह भी जोर दिया कि छोटे या बड़े सभी किसानों को फार्मर रजिस्ट्री के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि वे सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठा सकें। उन्होंने व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए, जिससे हर पात्र किसान इस प्रक्रिया में शामिल हो सके और योजनाओं का पूरा लाभ ले सके।
बैठक में कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही, उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल, मुख्य ज्ञान अधिकारी राजीव चावला, प्रमुख सचिव कृषि रविन्द्र, प्रमुख सचिव राजस्व अपर्णा यू और निदेशक कृषि डॉ. पंकज त्रिपाठी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।