लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल के दिनों में कई जिलों में बढ़ी आपराधिक घटनाओं को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए शनिवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने आठ जिलों के डीएम और पुलिस अधिकारियों से सीधे जवाब-तलब किया और कानून-व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।
बैठक में वाराणसी, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद और लखनऊ के पुलिस कमिश्नरों के साथ-साथ जौनपुर, पीलीभीत, बागपत और गाजीपुर के जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षकों को भी तलब किया गया। मुख्यमंत्री ने डीजीपी राजीव कृष्ण की मौजूदगी में स्पष्ट संदेश दिया कि अगर कोई अधिकारी जिले में कानून-व्यवस्था संभालने में असमर्थ है तो वह स्वयं इसकी जानकारी दे।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने बीते कुछ दिनों में हुई गंभीर आपराधिक घटनाओं की विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी, जिसके बाद यह समीक्षा बैठक बुलाई गई। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता जनता की सुरक्षा है और इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
गौतमबुद्ध नगर में हाल में हुई आपराधिक घटनाओं, जिनमें किन्नर की हत्या जैसे मामले शामिल हैं, को लेकर मुख्यमंत्री ने पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह को सख्त चेतावनी दी। वहीं लखनऊ में भाजपा नेता शिवम सिंह की हत्या के मामले पर भी उन्होंने नाराजगी जताते हुए पुलिस कमिश्नर अमरेन्द्र सिंह सेंगर से जवाब मांगा।
वाराणसी, गाजियाबाद, पीलीभीत, जौनपुर, बागपत और गाजीपुर में हाल ही में हुई हत्याओं और गंभीर अपराधों को लेकर भी संबंधित पुलिस अधिकारियों को फटकार लगाई गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून-व्यवस्था बिगड़ने पर किसी भी स्तर पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
बैठक में मंडलायुक्त, डीएम, एडीजी जोन, आईजी और डीआईजी रेंज के अधिकारी भी मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद पुलिस प्रशासन ने अपने-अपने जिलों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है।