लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में सोमवार से वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर चर्चा का सिलसिला शुरू होगा। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना पहले विधायकों को अपनी बात रखने का अवसर देंगे। यह चर्चा शुक्रवार तक चलेगी और अंतिम दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन के साथ समाप्त होगी। इसके बाद बजट पर अनुदान की मांगों पर विचार और मतदान होगा। शुक्रवार को सदन में बजट को पारित किया जाने का अनुमान है। बता दें कि वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने 11 फरवरी को 9.12 लाख करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया था।
कांग्रेस का विरोध और किसान अभियान
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों और किसानों के उत्पीड़न के विरोध में 17 फरवरी को विधानसभा का घेराव किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में किसान अधिकार गांव संवाद अभियान शुरू किया गया है, जिसमें पार्टी के पदाधिकारी गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक करेंगे और सरकार की नीतियों से होने वाले नुकसान के प्रति उन्हें अवगत कराएंगे। भारतीय राष्ट्रीय किसान कांग्रेस के उपाध्यक्ष एवं प्रभारी संगठन अखिलेश शुक्ला ने बताया कि अभियान के तहत किसानों को 50-50 के समूहों में समझाया जाएगा कि किस तरह ये नीतियां उनके हितों के खिलाफ हैं।
अजय राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर आरोप लगाया कि उन्होंने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरनंद के चयन पर सवाल उठाकर हिंदुओं की आस्था का अपमान किया। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकार वाराणसी के घाटों और अन्य धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचा रही है।
सपा का जोर मतदाता अधिकार पर
समाजवादी पार्टी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के नोटिसों को अपने समर्थक मतदाताओं को परेशान करने का माध्यम बताया। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में 1.04 करोड़ मतदाता वर्ष 2003 की सूची से मिलान नहीं होने के कारण प्रभावित हैं और 2.22 करोड़ मतदाताओं को तार्किक विसंगतियों के आधार पर नोटिस जारी किया गया। उन्होंने अपने सभी पदाधिकारियों से कहा कि मतदाताओं, खासकर अल्पसंख्यकों को नोटिस से परेशान किए जाने के मामलों को चुनाव आयोग तक पहुंचाया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर सपा अदालत का दरवाजा भी खटखटाएगी।