मऊ में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की समीक्षा अधिकारी (RO) और सहायक समीक्षा अधिकारी (ARO) परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी आलोक मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी को उसके आवास से पकड़ा गया। वह मूल रूप से गाजीपुर जिले के जंगीपुर थाना क्षेत्र के बाबूरायपुर मानपुर गांव का रहने वाला है, जबकि वर्तमान में वह मऊ शहर कोतवाली क्षेत्र के मुंशीपुरा स्थित हयात सेंटर के पास रह रहा था।
2024 पेपर लीक मामले से जुड़ा है केस
एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक लाल प्रताप सिंह ने बताया कि 11 फरवरी 2024 को आयोजित RO/ARO परीक्षा का पेपर लीक हुआ था। इसी मामले में आलोक मिश्रा पिछले लगभग दो वर्षों से फरार चल रहा था।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, इससे पहले इस मामले में गिरफ्तार अन्य आरोपियों से पूछताछ के दौरान आलोक मिश्रा का नाम सामने आया था, जिसके बाद से उसकी तलाश जारी थी।
रेलवे स्टेशन से शुरू हुई थी साजिश की कड़ी
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी आलोक मिश्रा और उसका बहनोई कृष्णा पांडेय, जो गाजीपुर के सैदपुर थाना क्षेत्र के पिपार कनेरी गांव का निवासी है, दोनों परीक्षा की तैयारी कर रहे थे।
इसी दौरान दोनों की मुलाकात वाराणसी रेलवे स्टेशन पर कथित सरगना अमरजीत शर्मा से हुई। यहीं से कथित तौर पर परीक्षा में पास कराने का सौदा तय हुआ।
12-12 लाख में तय हुआ था सौदा
जांच के अनुसार, आरोपियों से परीक्षा में सफलता दिलाने के नाम पर 12-12 लाख रुपये में डील तय की गई थी। इसके एवज में दोनों ने 3-3 लाख रुपये एडवांस और जरूरी दस्तावेज सौंपे थे।
इसके बाद दोनों को मध्य प्रदेश के भोपाल बुलाया गया, जहां उन्हें होटल में ठहराया गया। पूछताछ में सामने आया कि परीक्षा से पहले उन्हें कथित तौर पर प्रश्नपत्र दिखाए गए और कुछ समय बाद वापस ले लिए गए।
दो साल से चल रही थी तलाश
एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरे मामले में पहले तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी थी, जिनकी पूछताछ के दौरान आलोक मिश्रा का नाम सामने आया था।
तभी से एजेंसियां उसकी तलाश में जुटी थीं और अब जाकर उसकी गिरफ्तारी संभव हो सकी है।