लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने पार्टी में उम्मीदवार चयन और कथित आर्थिक लेन-देन को लेकर उठ रहे सवालों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि बसपा को बदनाम करने के लिए कुछ राजनीतिक दल और मीडिया का एक हिस्सा सुनियोजित तरीके से दुष्प्रचार कर रहा है, जो चुनावी माहौल के नजदीक आते ही और तेज हो जाता है।
शुक्रवार को सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में मायावती ने कहा कि बसपा डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों पर आधारित एक आंदोलनात्मक पार्टी है, जो बड़े पूंजीपतियों या प्रभावशाली वर्गों के बजाय अपने समर्थकों के सहयोग और संगठनात्मक ताकत के बल पर आगे बढ़ती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ जातिवादी और पूंजीवादी सोच रखने वाली ताकतें बसपा की बढ़ती लोकप्रियता से असहज हैं, इसी कारण पार्टी को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है। मायावती ने स्पष्ट किया कि उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और संगठनात्मक नियमों के तहत की जाती है।
बसपा प्रमुख ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल सहित सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता 2027 के मिशन को सफल बनाने के लिए पूरी सक्रियता से काम कर रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे किसी भी तरह के अफवाहों या विरोधियों के दुष्प्रचार पर ध्यान न दें।
मायावती ने दावा किया कि जैसे-जैसे पार्टी का जनाधार और संगठन मजबूत हो रहा है, विरोधी दलों की बेचैनी बढ़ रही है और इसी कारण लगातार भ्रामक प्रचार किया जा रहा है।