उत्तर प्रदेश: खुर्जा के अरनिया खुर्द गांव में शुक्रवार रात को रसोई में रखे गैस सिलिंडर में अचानक आग लगने के बाद जोरदार धमाके के साथ फट गया। घटना में गनीमत रही कि परिवार के लोग समय रहते घर से बाहर आ गए, जिससे कोई जानी नुकसान नहीं हुआ।
इस हादसे के दौरान घर में नवरात्रि की पूजा चल रही थी। घर में कुल 15 लोग मौजूद थे, जिनमें चार बच्चे भी शामिल थे। सभी सुरक्षित हैं, लेकिन घर में रखा लगभग पांच लाख रुपये का सामान जलकर राख हो गया।
पूजा और घटना का क्रम
अरनिया खुर्द निवासी चमन और उनका भाई पिंटू मजदूरी करते हैं। परिवार एक ही मकान में रहता है। शुक्रवार रात नवरात्रि के अवसर पर घर में पारंपरिक अखंड ज्योति जलाई जा रही थी।
चमन की पत्नी रिंकी, उनके बच्चे, पिता जगदीश, छोटा भाई पिंटू, पिंटू की पत्नी कमलेश और उनके बच्चे घर में मौजूद थे। इसके अलावा माता रानी की ज्योति जलाने वाले पुजारी और पांच भजन मंडली के सदस्य भी पूजा में शामिल थे।
पिंटू ने रसोई में दूध गर्म करने के लिए गैस चूल्हे पर रखा। थोड़ी देर बाद सिलिंडर में आग की लपटें निकलने लगीं। पिंटू ने आग बुझाने के लिए कपड़ा डाला, लेकिन उसमें भी आग लग गई। सभी लोग तुरंत बाहर निकल गए।
सिलिंडर फटने के बाद का मंजर
कुछ ही समय में सिलिंडर फटने के साथ जोरदार धमाका हुआ। आग तेजी से फैल गई और रसोई के साथ अन्य कमरे भी प्रभावित हुए। ग्रामीणों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन स्थिति नियंत्रण से बाहर थी।
सूचना पाकर दमकल और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। दमकल ने तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। रात डेढ़ बजे आग पूरी तरह शांत हुई, लेकिन मकान में रखा फर्नीचर, कपड़े, टीवी, बिस्तर, रसोई का सामान, बच्चों की किताबें और अन्य जरूरी सामान सब जलकर राख हो गए।
पीड़ित परिवार की व्यथा
चमन ने बताया कि उनका यह पैतृक मकान पिता जगदीश की मेहनत से बना था। परिवार ने छोटी-छोटी चीजें जुटाकर घर सजाया था और नवरात्रि पर जागरण का आयोजन करने की योजना थी। घटना से सभी रिश्तेदारों के आने से पहले ही उनका सपना और मेहनत आग में राख हो गई।
अब परिवार के पास खाने और पहनने के लिए भी कुछ नहीं बचा। परिवार के लोग हादसे के बाद बिलख-बिलख कर रो रहे थे। मकान की दीवारें भी कई जगह से क्षतिग्रस्त हुई हैं।
प्रशासन का बयान
शोभित कुमार, सीओ खुर्जा ने बताया कि आग लगने की सूचना पर दमकल और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची थी। सिलिंडर फटने के कारण आग लगी थी। गनीमत रही कि परिवार समय रहते बाहर आ गया और सभी सुरक्षित हैं।