मथुरा के छाता में "फरसा वाले बाबा" के नाम से मशहूर बाबा चंद्रशेखर महाराज की एक ट्रक से कुचलकर हुई संदिग्ध मौत के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। आक्रोशित लोगों ने दिल्ली-आगरा हाईवे जाम कर दिया और जाम में फंसे वाहनों पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव में कई वाहनों के शीशे टूट गए और लोगों में दहशत फैल गई।
भीड़ और पुलिस में झड़प
पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने का कई बार प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने पथराव जारी रखा। भारी तनाव के कारण प्रशासनिक अधिकारी और अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचे। एडीएम, क्षेत्रीय तहसीलदार और एसपी देहात के नेतृत्व में कई थानों की फोर्स हाईवे पर तैनात की गई।
भीड़ की मांग
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बाबा की मौत एक सोची-समझी साजिश के तहत हुई है। उन्होंने ट्रक चालक की तत्काल गिरफ्तारी और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। प्रशासन लगातार लोगों को शांत करने और जाम खोलने की कोशिश में जुटा हुआ था।
सेना की मदद ली गई
दिल्ली हाईवे पर पथराव और तोड़फोड़ बढ़ जाने के बाद सेना की टुकड़ी को मौके पर बुलाया गया। सेना और पुलिस ने मिलकर भीड़ को खदेड़कर स्थिति पर काबू पाया। अधिकारियों ने हर स्थिति पर नजर बनाए रखी।
जाम खुलने में लगे तीन घंटे
आक्रोशित भीड़ ने हाईवे जाम कर कई वाहनों को क्षतिग्रस्त किया। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और बल प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ा, जिसके बाद करीब तीन घंटे बाद जाम खुल सका।
प्रशासन की टिप्पणी
प्रशासन ने बताया कि यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हरियाणा सीमा के पास हुई। बाबा अपने शिष्यों के साथ गोवंश की तस्करी की सूचना पर एक नागालैंड नंबर वाले कंटेनर की जांच कर रहे थे। कंटेनर में साबुन, फिनाइल और शैम्पू जैसे सामान भरे थे।