रामपुर: सिविल लाइंस क्षेत्र में इंडियन ऑयल कंपनी के फील्ड ऑफिसर अनिल कुमार की कार पर हुई फायरिंग मामले में प्रशासन ने सपा के प्रदेश सचिव सुरेंद्र सागर के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने सुरेंद्र सागर का पिस्टल लाइसेंस निरस्त कर दिया है। साथ ही उनके एक पेट्रोल पंप को अनियमितताओं के चलते सील कर दिया गया है।
फायरिंग की घटना और पुलिस जांच
जानकारी के अनुसार, यह फायरिंग घटना 14 जनवरी की रात हुई थी, जब इंडियन ऑयल कंपनी के अधिकारी के आवास विकास कॉलोनी स्थित घर के बाहर उनकी कार पर गोली चली। पुलिस जांच में यह सामने आया कि फायरिंग सुरेंद्र सागर के बेटे हिमांशु सागर और उसके चचेरे भाई नितिन ने की थी। उस समय सुरेंद्र सागर बसपा में थे।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को दो माह पहले गिरफ्तार कर जेल भेजा था। एएसपी अनुराग सिंह के अनुसार, फायरिंग में प्रयुक्त पिस्टल सुरेंद्र सागर की थी, जिसका बेटा हिमांशु सागर ने इस्तेमाल किया। यह लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन माना गया।
पेट्रोल पंप की जांच और सील
पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने सुरेंद्र सागर के दो पेट्रोल पंपों की जांच का आदेश दिया था। जांच में शाहबाद स्थित एक पंप में अनियमितताएं पाई गईं, जिस कारण उसे सील कर दिया गया। दूसरे पंप की जांच अभी जारी है।
सुरेंद्र सागर ने बताया कि दोनों पेट्रोल पंप उनके मित्र के हैं। प्रशासन ने पेट्रोल पंप को सील करने का कारण अनियमितताओं तक ही सीमित बताया है।
प्रशासन का फैसला
डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि पिस्टल का लाइसेंस निरस्त करना और पेट्रोल पंप सील करना कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई थी। यह कदम सुरक्षा और नियमों की पालनशीलता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया।