हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को विधानसभा में अपने कार्यकाल का चौथा बजट पेश किया। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का बजट आकार 54,928 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। यह पिछले वित्त वर्ष के 58,514 करोड़ रुपये के बजट से लगभग 3,586 करोड़ रुपये कम है।
बजट भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार चुनाव के समय दी गई सभी गारंटियों को पूरी तरह लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही आर्थिक अनुशासन बनाए रखने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसलों की घोषणा भी की गई।
वित्तीय अनुशासन के लिए वेतन का हिस्सा अस्थायी रूप से स्थगित
राज्य की वित्तीय स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने विभिन्न पदों के वेतन का एक हिस्सा अस्थायी रूप से स्थगित करने की घोषणा की।
- मुख्यमंत्री के वेतन का 50 प्रतिशत
- उपमुख्यमंत्री और मंत्रियों के वेतन का 30 प्रतिशत
- विधायकों के वेतन का 20 प्रतिशत
अगले छह महीनों के लिए स्थगित रहेगा।
इसके अलावा निगम-बोर्ड के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सलाहकारों के वेतन का भी 20 प्रतिशत हिस्सा इसी अवधि के लिए रोका जाएगा।
वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों में मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव और प्रधान सचिव स्तर के अधिकारियों के वेतन का 30 प्रतिशत, जबकि सचिव और विभागाध्यक्ष स्तर के अधिकारियों के वेतन का 20 प्रतिशत स्थगित रहेगा।
पुलिस और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों पर भी इसी प्रकार का प्रावधान लागू होगा।
ग्रुप-A और B अधिकारियों पर भी लागू होगा निर्णय
सरकार ने ग्रुप-A और ग्रुप-B अधिकारियों के वेतन का 3 प्रतिशत हिस्सा छह महीने के लिए स्थगित करने का फैसला किया है। हालांकि ग्रुप-C और ग्रुप-D कर्मचारियों को इससे पूरी तरह बाहर रखा गया है और उन्हें पूरा वेतन मिलता रहेगा।
सरकार ने यह भी उम्मीद जताई है कि न्यायपालिका भी राज्य की आर्थिक स्थिति को देखते हुए इसी तरह के निर्णय पर विचार कर सकती है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह केवल अस्थायी व्यवस्था है और आर्थिक स्थिति सुधरने पर यह राशि वापस दे दी जाएगी। पेंशनधारकों की पेंशन में कोई कटौती नहीं होगी।
पूर्व सैनिकों और सुरक्षा बलों के लिए योजनाएं
बजट में सेवानिवृत्त केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल कर्मियों के पुनर्वास के लिए अर्धसैनिक कल्याण बोर्ड गठित करने की घोषणा की गई है।
सरकार ने बताया कि पिछले वर्ष 412 पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को रोजगार दिया गया और आगे भी इस दिशा में प्रयास जारी रहेंगे।
परमवीर चक्र विजेता मानद कप्तान संजय कुमार युवाओं को सेना में भर्ती के लिए प्रेरित करेंगे, जिसके लिए उन्हें मानदेय दिया जाएगा।
आंगनबाड़ी और अन्य कर्मियों का मानदेय बढ़ा
राज्य सरकार ने कई वर्गों के मानदेय में वृद्धि की घोषणा की है।
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ता: 11,500 रुपये प्रतिमाह
- मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता: 8,300 रुपये
- आंगनबाड़ी सहायिका: 6,800 रुपये
- आशा वर्कर: 6,800 रुपये
इसके अलावा मिड-डे मील वर्कर, जल वाहक, पंचायत चौकीदार, एसएमसी शिक्षक, आईटी शिक्षक, एसपीओ और अन्य कर्मियों के मानदेय में भी 500 से 1000 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है।
किसानों और पशुपालकों के लिए बड़े फैसले
कृषि और पशुपालन क्षेत्र को मजबूत करने के लिए भी कई घोषणाएं की गईं।
- गाय के दूध का खरीद मूल्य 51 से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर
- भैंस के दूध का मूल्य 71 रुपये प्रति लीटर
इसके अलावा प्राकृतिक रूप से उत्पादित फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया गया है:
- गेहूं: 80 रुपये प्रति किलो
- मक्की: 50 रुपये प्रति किलो
- पांगी का जौ: 80 रुपये प्रति किलो
- हल्दी: 150 रुपये प्रति किलो
राज्य में पहली बार अदरक के लिए 30 रुपये प्रति किलो एमएसपी घोषित किया गया है। साथ ही किसानों के लिए राज्य किसान आयोग बनाने की भी घोषणा हुई है।
कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए राहत
सरकार ने पिछली सरकारों के समय से लंबित वेतन और पेंशन देनदारियों को चुकाने का भी वादा किया है।
- 2016 से पहले के सभी पेंशनरों को बकाया एरियर का भुगतान
- चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के ग्रेच्युटी और लीव इनकैशमेंट एरियर का भुगतान
- दैनिक वेतनभोगियों की मजदूरी बढ़ाकर 450 रुपये प्रतिदिन
आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए न्यूनतम 13,750 रुपये मासिक वेतन तय किया गया है।
गरीब परिवारों के लिए ‘मुख्यमंत्री सुखी परिवार योजना’
सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर एक लाख परिवारों के लिए नई योजना की घोषणा की है।
इन परिवारों को:
- 300 यूनिट मुफ्त बिजली
- महिलाओं को 1500 रुपये मासिक सहायता
- जरूरतमंद परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराने की योजना
का लाभ दिया जाएगा।
पर्यटन, रोजगार और पुलिस भर्ती पर फोकस
राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख पर्यटन स्थलों पर नाइट पिकनिक की सुविधा शुरू की जाएगी और फिल्म शूटिंग के लिए नई नीति लाई जाएगी।
रोजगार के लिए:
- 1000 अतिरिक्त पुलिस कांस्टेबलों की भर्ती
- 50 महिला सब-इंस्पेक्टरों की सीधी भर्ती
- युवाओं के लिए ई-टैक्सी योजना में 50% सब्सिडी
की घोषणा की गई है।
हवाई संपर्क बढ़ाने के लिए हेलीपोर्ट
राज्य में बेहतर कनेक्टिविटी के लिए सभी जिला मुख्यालयों और जनजातीय क्षेत्रों में हेलीपोर्ट निर्माण की योजना बनाई गई है।
इसके अलावा दिल्ली-शिमला और शिमला-धर्मशाला मार्ग पर नियमित उड़ानें शुरू करने का निर्णय लिया गया है, जबकि कई नए हेलीकॉप्टर मार्ग भी प्रस्तावित हैं।