गाजियाबाद। तीन किशोर बहनें लगभग 80 फीट ऊंचाई से गिर गईं, जिससे उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, इतनी ऊंचाई से गिरने के कारण सभी की पसलियां टूट गई थीं और हृदय, लिवर, गुर्दा समेत सभी अंदरूनी अंग क्षतिग्रस्त हो गए थे। रिपोर्ट में उल्लेख है कि केवल दूसरी बहन प्राची के सिर की हड्डी सुरक्षित थी। पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक ने कहा कि यदि तुरंत इलाज मिलता, तो प्राची की जान बचाई जा सकती थी। किसी भी लड़की के शरीर पर पुराने घाव या चोट के निशान नहीं पाए गए।

बड़ी बहन निशिका के पेट में केवल 50 ग्राम भोजन था, जबकि प्राची और पाखी के पेट में 250-300 ग्राम खाना मिला। इससे पता चला कि निशिका ने दोपहर बाद कुछ नहीं खाया था, जबकि अन्य दो ने पिछली रात भोजन किया था।

पोस्टमार्टम तीन चिकित्सकों—एसीएमओ डॉ. अमित विक्रम, पीएससी के डॉ. नीरज और महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. संगीता—के पैनल द्वारा किया गया। डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष पाटील ने बताया कि गिरने के कारण अंग क्षतिग्रस्त हुए और अधिक रक्तस्राव से तीनों की मौत हुई।

कोरियन दोस्तों और मोबाइल की जांच

स्थानीय पुलिस को घटनास्थल पर आठ पेज का सुसाइड नोट मिला। इसमें उल्लेख था कि बहनें अपनी सबसे छोटी बहन देबू के माध्यम से कोरियन दोस्तों से संपर्क करती थीं। हालांकि, मां के मोबाइल फोन की जांच में किसी कोरियन एप या गेम के सुराग नहीं मिले। पुलिस अब बहनों से छीनकर बेचे गए मोबाइल फोन को ट्रेस कर रही है, ताकि ऑनलाइन गतिविधियों का पता लगाया जा सके।

जांच में यह भी सामने आया कि पिता चेतन कुमार ने निशिका और प्राची को छह महीने और तीन माह पहले मोबाइल फोन दिलवाए थे। घटना से तीन माह पहले एक और 10 दिन पहले एक फोन छीनकर बेचा गया। अधिकारियों ने दोनों मोबाइल फोन के IMEI नंबर ट्रेस करने की बात कही है।

पिता का बयान और खेल की आदत

पिता चेतन कुमार ने बताया कि तीनों बहनें पिछले तीन साल से टास्क गेम खेल रही थीं और कोरिया जाने की जिद करती थीं। उन्होंने कई बार बेटियों को समझाया। फॉरेंसिक टीम ने हादसे के बाद घर पर मोबाइल में गेमिंग एप्स देखे।

परिवार और व्यवहार

पोलीस की प्रारंभिक जांच में पता चला कि तीनों बहनें हमेशा एक साथ रहती थीं और 14 वर्षीय प्राची समूह की लीडर थी। तीनों हर रोज़ के काम भी साथ करती थीं और जिद्दी स्वभाव की थीं। पिता ने बताया कि स्कूल में पिछली असफलताओं के कारण बहनें शर्म के चलते स्कूल नहीं जाती थीं, जिसके बाद उन्होंने मोबाइल में कोरियन टास्क गेम खेलना शुरू किया।