नई दिल्ली/जैसलमेर। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को राजस्थान के जैसलमेर में स्वदेशी हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर ‘प्रचंड’ में सह-पायलट के तौर पर उड़ान भरकर इतिहास रचा। यह उन्हें पहली भारतीय राष्ट्रपति बनाती है जिन्होंने किसी आक्रमण हेलीकॉप्टर में उड़ान भरी।

जैसलमेर से उड़ान का दृश्य

एलसीएच प्रचंड ने जैसलमेर स्थित भारतीय वायु सेना स्टेशन से उड़ान भरी। उड़ान से पहले कैप्टन ने राष्ट्रपति को हेलीकॉप्टर की तकनीकी जानकारी दी। जैतून हरे रंग की वर्दी और हेलमेट पहने राष्ट्रपति ने कॉकपिट से हाथ हिलाकर अभिवादन किया।

राष्ट्र के नाम संदेश

उड़ान के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने कॉकपिट से देशवासियों को संदेश भी दिया:
"प्रचंड हेलीकॉप्टर आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। मैं जैसलमेर के ऊपर उड़ान भर रही हूं। हमारे वीर सैनिकों को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं और गहरी कृतज्ञता। जय हिंद, जय भारत।"

यह उड़ान लगभग 25 मिनट तक चली और हेलीकॉप्टर पोखरण फायरिंग रेंज के ऊपर से गुजरा, जहां शाम को भारतीय वायुसेना द्वारा ‘वायु शक्ति’ अग्नि प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा।

राष्ट्रपति मुर्मू की अब तक की उपलब्धियां

आज की उड़ान के साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आक्रमण हेलीकॉप्टर में उड़ान भरने वाली पहली भारतीय राष्ट्रपति बन गई हैं। इससे पहले अक्टूबर 2022 में उन्होंने अंबाला वायुसेना स्टेशन पर राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरी थी। अप्रैल 2023 में उन्होंने असम के तेजपुर वायुसेना स्टेशन पर सुखोई-30 एमकेआई विमान में उड़ान भरते हुए ब्रह्मपुत्र और तेजपुर घाटी का दृश्य देखा था।

प्रचंड हेलीकॉप्टर की खासियत

एलसीएच ‘प्रचंड’ भारत का पहला स्वदेशी रूप से विकसित हल्का कॉम्बैट हेलीकॉप्टर है, जिसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने बनाया है। इसमें उन्नत एवियोनिक्स, स्टील्थ क्षमताएं, नाइट-एटैक क्षमता और शक्तिशाली हथियार जैसे एयर-टू-ग्राउंड और एयर-टू-एयर मिसाइल, रॉकेट और 20 मिमी गन शामिल हैं। यह हेलीकॉप्टर भारतीय वायुसेना की युद्ध क्षमता को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है।