दिल्ली विधानसभा की नेता आतिशी के कथित छेड़छाड़ वाले वीडियो को लेकर दिल्ली के कानून मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ दर्ज एफआईआर के मामले में पंजाब पुलिस के तीन अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है। इन अधिकारियों को नोटिस का जवाब देने के लिए 10 दिन का समय दिया गया है।

दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने शनिवार को कहा कि पंजाब पुलिस के डीजीपी, विशेष डीजीपी (साइबर अपराध) और जालंधर पुलिस कमिश्नर को नोटिस भेजा गया है। इसमें उनसे 48 घंटे के भीतर यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि क्यों एफआईआर दर्ज की गई और वीडियो क्लिप का उपयोग कैसे हुआ। स्पीकर ने इसे विधानसभा के विशेषाधिकारों का उल्लंघन बताया और कहा कि इस मामले से सदन की गरिमा को ठेस पहुंची है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब पुलिस अधिकारियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई उनके जवाब मिलने के बाद तय की जाएगी।

इस बीच, दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आतिशी के कथित गायब होने और मामले के बारे में सवाल उठाते हुए एक पोस्टर जारी किया। उन्होंने कहा कि 6 जनवरी को दिल्ली विधानसभा में गुरु तेग बहादुर जी की शहादत की 350वीं वर्षगांठ पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता ने अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। उस दिन से आतिशी मीडिया के सामने नहीं आई हैं।

मिश्रा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आदेश पर पंजाब सरकार और पुलिस का सिस्टम गलत तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा, "आतिशी की गैरमौजूदगी दर्शाती है कि उन्होंने जानबूझकर ऐसा किया। इस मामले पर हम चुप नहीं रहेंगे। अरविंद केजरीवाल को उनसे माफी मंगवानी चाहिए। मैं चाहूंगा कि आतिशी मीडिया के सामने आएं।"

प्रेस कॉन्फ्रेंस में कपिल मिश्रा ने एक फोटो भी दिखाया, जिसमें 'लापता' लिखा था और सवाल उठाया गया, “आतिशी मार्लेना कहां हैं?”