लखनऊ के छावनी क्षेत्र स्थित सेना के मध्य कमान के स्मृतिका युद्ध स्मारक में शनिवार को एक आधुनिक लेजर, लाइट और साउंड शो का उद्घाटन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया।

करीब 30 मिनट का यह हिंदी मल्टीमीडिया शो उन्नत प्रोजेक्शन, साउंड और लाइट तकनीक के माध्यम से भारतीय सेना के गौरवशाली इतिहास, उसकी प्रमुख उपलब्धियों और राष्ट्र निर्माण में उसके योगदान को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करता है।

भारतीय सेना के इतिहास और ऑपरेशन्स पर केंद्रित प्रस्तुति

इस शो में भारत के प्रमुख सैन्य अभियानों और युद्धों का विस्तृत चित्रण किया गया है, जिनमें 1947-48, 1962, 1965 और 1971 के युद्धों के साथ-साथ ऑपरेशन मेघदूत और ऑपरेशन विजय जैसे महत्वपूर्ण अभियानों को भी शामिल किया गया है।

इसके साथ ही मध्य कमान की भूमिका, अवध क्षेत्र के वीर सैनिकों और परमवीर चक्र विजेताओं की वीरता को भी विशेष रूप से दर्शाया गया है। प्रस्तुति में अवध क्षेत्र की सैन्य परंपरा और देश की रक्षा में उसके योगदान को भी प्रमुखता से दिखाया गया है।

आधुनिक सैन्य तकनीक और आत्मनिर्भर भारत की झलक

शो में भारतीय सेना के आधुनिकीकरण, बदलते युद्ध परिदृश्य और नई तकनीकों के उपयोग को भी शामिल किया गया है। इसमें रक्षा क्षेत्र में हो रहे नवाचारों और हाल ही में इस्तेमाल की गई स्वदेशी तकनीकों का भी उल्लेख किया गया है, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

इसके अलावा उत्तर प्रदेश में विकसित हो रहे डिफेंस कॉरिडोर और राज्य के रक्षा उत्पादन केंद्र के रूप में उभरने को भी प्रस्तुति में दिखाया गया है।

स्मारक परिसर का आधुनिकीकरण

लेजर, लाइट और साउंड शो को ध्यान में रखते हुए स्मृतिका युद्ध स्मारक परिसर का भी बड़े स्तर पर नवीनीकरण किया गया है। यहां अत्याधुनिक प्रोजेक्शन सिस्टम, साउंड सिस्टम, म्यूरल्स और नई संरचनाओं का विकास किया गया है।

परिसर में एक आधुनिक एम्फीथिएटर का निर्माण किया गया है, जबकि नई दीवारों पर सैन्य इतिहास और युद्ध ट्रॉफियों को दर्शाने वाले भित्ति चित्र लगाए गए हैं।

सेना और राज्य सरकार की संयुक्त पहल

यह पूरा प्रोजेक्ट सेना के मध्य कमान मुख्यालय, उत्तर प्रदेश सरकार और यूपी राज्य पर्यटन विकास निगम के संयुक्त सहयोग से तैयार किया गया है। लखनऊ कैंट स्थित यह स्मारक वर्ष 1994 से भारतीय सैनिकों के बलिदान और वीरता का प्रतीक रहा है।

नियमित शो और उद्देश्य

यह लेजर, लाइट और साउंड शो अब प्रतिदिन शाम के समय आयोजित किया जाएगा और जल्द ही इसे आम जनता के लिए भी खोल दिया जाएगा।

अधिकारियों के अनुसार इस पहल का उद्देश्य युवाओं को भारतीय सेना के इतिहास और वीरता से जोड़ना, सैन्य विरासत को संरक्षित करना और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना है।

कार्यक्रम में मौजूद रहे वरिष्ठ अधिकारी

इस अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता (GOC-in-C, मध्य कमान), सेना के वरिष्ठ अधिकारी और राज्य सरकार के प्रतिनिधि मौजूद रहे।