उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद महिला मतदाताओं की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। राज्य में महिलाओं के मताधिकार से जुड़े आंकड़ों में 21 लाख से अधिक की कमी सामने आई है। पुनरीक्षण के बाद प्रति हजार पुरुष मतदाताओं पर महिलाओं की संख्या 877 से घटकर 824 रह गई है। आंकड़े बताते हैं कि शहरी इलाकों में यह गिरावट 28 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 15.23 प्रतिशत मतदाता कम हुए हैं।
6 जनवरी को जारी की गई मसौदा मतदाता सूची में पुरुष मतदाताओं की संख्या महिलाओं की तुलना में करीब 1.20 करोड़ अधिक पाई गई है।
प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने शनिवार को आयोजित ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि महिला मतदाताओं के नाम अधिक संख्या में कटने का प्रमुख कारण विवाह के बाद स्थान परिवर्तन है। कई मामलों में महिलाओं के वोट मायके और ससुराल—दोनों जगह दर्ज पाए गए, जबकि पुरुषों के साथ ऐसा कम हुआ। इसी वजह से पुनरीक्षण के दौरान महिलाओं के नाम अधिक हटाए गए।
उन्होंने बताया कि एसआईआर से पहले 25 वर्ष या उससे अधिक उम्र की 71.18 लाख ऐसी महिला मतदाता थीं, जिनके रिकॉर्ड में पति के बजाय पिता का नाम दर्ज था। मसौदा सूची जारी होने के बाद इस संख्या में लगभग 59 प्रतिशत की कमी आई है और अब यह घटकर 29.04 लाख रह गई है। इससे स्पष्ट होता है कि बड़ी संख्या में महिलाओं के दोहरे मतदाता रिकॉर्ड पुनरीक्षण में पकड़े गए।
नाम जुड़ने के बाद घटेगा पंचायत और विधानसभा सूची का अंतर
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में पंचायत और विधानसभा मतदाता सूचियों के आंकड़ों में बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है। हालांकि विधानसभा मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया पूरी होते ही यह अंतर काफी हद तक कम हो जाएगा। फिलहाल प्रतिदिन लगभग 50 हजार नए आवेदन प्राप्त हो रहे हैं, जिनकी संख्या आने वाले दिनों में लाखों तक पहुंचने की संभावना है।
3.26 करोड़ मतदाताओं को भेजा जाएगा नोटिस
रिणवा ने जानकारी दी कि 6 जनवरी को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची में 1.04 करोड़ ऐसे मतदाता सामने आए, जिनका मिलान वर्ष 2003 की मतदाता सूची से नहीं हो सका। इन्हें नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके अलावा 2.22 करोड़ मतदाता ऐसे भी पाए गए हैं, जिनके नाम, पिता के नाम या आयु से संबंधित विवरणों में असंगति है। इन सभी को भी नोटिस भेजे जाएंगे। इस तरह कुल 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाएंगे।
प्रदेश भर में इन नोटिसों की सुनवाई 3793 स्थानों पर की जाएगी। मतदाताओं को निर्धारित तिथि और समय की जानकारी दी जाएगी। इस प्रक्रिया में 9154 ईआरओ और एईआरओ शामिल होंगे।
आंकड़ों पर एक नजर
– प्रदेश में कुल हटाए गए मतदाता: 2,88,74,067
• महिलाएं: लगभग 1,54,53,000
• पुरुष: लगभग 1,33,50,000
– मसौदा सूची में कुल मतदाता: 12,55,56,025
• महिलाएं: लगभग 5,67,90,000
• पुरुष: लगभग 6,88,47,000
साहिबाबाद में महिला मतदाताओं की सबसे बड़ी गिरावट
गाजियाबाद के साहिबाबाद विधानसभा क्षेत्र में महिला मतदाताओं की संख्या में सबसे ज्यादा कमी दर्ज की गई है। 27 अक्टूबर 2025 को फ्रीज की गई मतदाता सूची में यहां प्रति हजार पुरुषों पर 779 महिलाएं थीं, जो मसौदा सूची में घटकर 646 रह गईं। यानी प्रति हजार पुरुष मतदाताओं के मुकाबले महिलाओं की संख्या में 133 की गिरावट आई है।