वाराणसी में मणिकर्णिका घाट के सुंदरीकरण कार्य को लेकर भ्रामक सूचनाओं और सोशल मीडिया पर फैलाए गए झूठे वीडियो-तस्वीरों के मामले में यूपी पुलिस ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई की। इस मामले में चौक थाना पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है, जिसमें सोशल मीडिया हैंडल “एक्स” को भी नामजद किया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को काशी दौरे के दौरान इस मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जब काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण हो रहा था, तब भी कुछ लोगों ने साजिश रची थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मूर्तियों के निर्माण वाले वर्कशॉप से टूटे हुए अवशेष सोशल मीडिया पर फैलाकर मंदिरों के तोड़े जाने का झूठा प्रचार किया गया।
मामला क्या है
मणिकर्णिका घाट पर सुंदरीकरण कार्य चल रहा है। इस दौरान कुछ वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिनमें रानी अहिल्याबाई होल्कर समेत कई देवी-देवताओं की प्रतिमाओं के टूटने का दावा किया गया। यह मामला स्थानीय लोगों और विपक्ष के बीच चर्चा का विषय बन गया और सोशल मीडिया पर विरोध प्रदर्शन भी शुरू हो गया।
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि वायरल सामग्री में एआई जनरेटेड तस्वीरों और वीडियो का इस्तेमाल किया गया था, जिससे गलत सूचना फैल रही थी। इस मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है।