मथुरा। यूजीसी के नए नियमों और एससी/एसटी एक्ट के दुरुपयोग के विरोध में बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने के बाद वृंदावन पहुंचे अलंकार अग्निहोत्री ने अब राजनीतिक दल बनाने की घोषणा कर दी है। उन्होंने कहा कि पार्टी का नाम “सनातनी संस्कृति” रखा जाएगा और इसका उद्देश्य उच्च वर्ग और सनातनियों की आवाज़ को राजनीति में मंच देना होगा। चुनाव लड़ने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर किसी अन्य दल के साथ गठबंधन करने का विकल्प भी खुला रहेगा।

श्रीबांकेबिहारी महाराज के दर्शन से आया राजनीतिक विचार
अलंकार अग्निहोत्री ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि श्रीबांकेबिहारी महाराज के दर्शन के दौरान उन्हें पार्टी बनाने का विचार आया। उन्होंने कहा, “धर्म स्थलों और मंदिरों का संरक्षण हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है, सरकार की नहीं। इसी पावन भूमि से हम पार्टी की नींव रख रहे हैं।” उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अयोध्या में हार मिली तो काशी और मथुरा में भी हारने नहीं देंगे।

सनातनियों की आवाज़ को मिलेगा मंच
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार श्रीबांकेबिहारी मंदिर कॉरिडोर और अन्य योजनाओं के जरिए प्राचीन संस्कृति को नष्ट करने की कोशिश कर रही है। उच्च वर्ग और सनातनियों की बात सुनने वाला कोई नहीं है, और यही कारण है कि उनकी पार्टी विकल्प के रूप में सामने आएगी। अलंकार अग्निहोत्री ने बताया कि उनकी पार्टी तीन प्रमुख मुद्दों पर काम करेगी: यूजीसी के नए नियम, एससी/एसटी एक्ट का दुरुपयोग, और श्रीबांकेबिहारी कॉरिडोर।

सनातन विरोधी नीतियों पर तीखा प्रहार
अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार सनातन विरोधी है और समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने फर्जी मुकदमों में फंसे लोगों की मदद के लिए एक ईमेल आईडी भी जारी की है, जिसमें पहले ही 40 से अधिक शिकायतें मिली हैं।

उन्होंने यूजीसी नियमों पर सवाल उठाते हुए कहा, “क्या हम अपने बच्चों को ऐसी शिक्षा व्यवस्था में भेजेंगे जहां न्याय के नाम पर शोषण हो?” साथ ही उन्होंने ब्राह्मण समाज के नाम पर वोट लेकर सत्ता में आने वाले जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर भी सवाल उठाया।