मेरठ। परतापुर थाना क्षेत्र में लागू की गई नई पार्किंग नीति ने फरियादियों और आम जनता में नाराजगी पैदा कर दी है। आरोप है कि क्षेत्राधिकारी (सीओ) के आदेश पर थाने के पार्किंग स्थल पर गमलों में पौधे लगवा दिए गए हैं, जिससे फरियादियों के वाहन खड़े करने की जगह सीमित हो गई है।

कर्मचारियों के लिए अलग-अलग पार्किंग
जानकारी के अनुसार, अब थाने में एसएसआई, थाना प्रभारी, चौकी इंचार्ज, कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल और होमगार्ड के वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग तय की गई है। इससे थाने आने वाले फरियादियों को अपने वाहनों को बाहर ही खड़ा करना पड़ रहा है। कई लोग थाने के बाहर ही बैठकर पुलिस कार्रवाई का इंतजार करते नजर आए।

नए नियम का मंगलवार से लागू होना
मंगलवार से लागू इस नियम के तहत जब कुछ फरियादी अपनी बाइक थाने परिसर में खड़ी करने लगे, तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें बाहर खड़ा करने के लिए कहा। अब थाने आने वाले लोग मुख्य द्वारों के पास बनी स्लैब पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।

आगंतुक कक्ष भी फरियादियों के काम नहीं आ रहा
फरियादियों का कहना है कि थाने में दस साल पहले बनाए गए आगंतुक कक्ष अब उनके काम नहीं आ रहे। आरोप है कि यह कक्ष पुलिसकर्मियों के इस्तेमाल में है और जनता धूप या बारिश में बाहर ही इंतजार करने को मजबूर है।

सीओ पहले भी विवादों में रह चुकी हैं
जानकारी के अनुसार, वर्तमान सीओ ब्रह्मपुरी के थाने का चार्ज संभालने के बाद से कई बार विवादों में रही हैं। इससे पहले उनके एक आदेश को लेकर चर्चा हुई थी, जिसमें थानों में पत्रकारों द्वारा वीडियो बनाने पर कार्रवाई का निर्देश दिया गया था। उस मामले में वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से बाद में स्पष्टीकरण जारी किया गया था।

फिलहाल, परतापुर थाने की नई पार्किंग नीति को लेकर फरियादियों में असंतोष देखा जा रहा है। कुछ लोग इसे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक शिकायत करने की बात कर रहे हैं।