कपूरथला। पंजाब के सुल्तानपुर लोधी स्थित मोहल्ला पंडोरी में नशे की समस्या ने कई परिवारों को गहरे दर्द में डाल दिया है। एक परिवार की त्रासदी ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है, जहां एक मां अपने चार बेटों को खो चुकी है, जबकि पांचवां बेटा भी गंभीर हालत में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, इलाके में लंबे समय से नशे का कारोबार चल रहा है और इसकी चपेट में कई युवा आ चुके हैं। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि मोहल्ले की महिलाओं ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की। उनकी पीड़ा और विरोध की आवाज अब सरकार तक पहुंच गई है। मामले के तूल पकड़ने के बाद जिला प्रशासन ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

मोहल्ले में फैली है नशे की जड़ें

स्थानीय महिलाओं का आरोप है कि नशे का कारोबार खुलेआम चल रहा है और तस्कर बेखौफ होकर इलाके में ‘चिट्टा’ बेचते हैं। उनका कहना है कि कई बार ये लोग मोटरसाइकिल पर मुंह ढककर आते हैं और युवाओं को नशे की पुड़िया थमाकर तुरंत फरार हो जाते हैं।

एक मां का दर्द: चार बेटों को खो दिया

प्रदर्शन में शामिल जोगिंदर पाल सिंह और उनकी पत्नी मनजीत कौर ने बताया कि उनके चार बेटों—जसविंदर सिंह, बलविंदर सिंह, मिथुन और रवि—की मौत हो चुकी है। इनमें से दो की शादी हो चुकी थी, जबकि दो अविवाहित थे। अब उनका पांचवां बेटा सोनू भी गंभीर रूप से बीमार है और बिस्तर पर पड़ा है।

मनजीत कौर ने रोते हुए कहा, “मैं पांच बेटों की मां थी… चार को नशे ने मुझसे छीन लिया और अब पांचवां भी जिंदगी की जंग लड़ रहा है।” उनका दर्द सुनकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो गए।

सिर्फ एक परिवार नहीं, कई घर उजड़े

मोहल्ले की अन्य महिलाओं ने भी सामने आकर बताया कि नशे की वजह से उनके परिवारों में भी कई युवा जान गंवा चुके हैं। किसी ने दो बेटों को खोया, तो किसी ने तीन। कई घरों का इकलौता सहारा भी नशे की लत में खत्म हो गया।

लोगों का कहना है कि मोहल्ले की एक ही गली में पिछले कुछ वर्षों में 20 से अधिक युवाओं की मौत नशे से जुड़ी घटनाओं में हो चुकी है।

प्रशासन और पुलिस पर लगाए आरोप

प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने प्रशासन और पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाए। उनका कहना है कि जब पुलिस थाने के आसपास ही नशा बिक रहा हो, तो आम लोगों की सुरक्षा पर सवाल उठना स्वाभाविक है। एक महिला ने अपने छोटे-छोटे पोतों की ओर इशारा करते हुए कहा, “हमारे बेटे तो चले गए, अब कम से कम इन बच्चों को बचा लो।”

पुलिस ने क्या कहा

इस मामले में एएसपी सुल्तानपुर लोधी धीरेंद्र वर्मा ने बताया कि महिला द्वारा लगाए गए कुछ दावों की जांच की जा रही है। उनके अनुसार, परिवार के एक बेटे की मौत करीब आठ साल पहले नशे से हुई थी, जबकि अन्य बेटों की मौत अलग-अलग कारणों से हुई बताई जा रही है, जिनमें जलने और अत्यधिक शराब सेवन के मामले भी शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि महिला के पांचवें बेटे का इलाज प्रशासन की निगरानी में कराया जा रहा है और जरूरत पड़ने पर उसे नशा मुक्ति केंद्र भेजा जाएगा। साथ ही इलाके में सर्वे कर नशे की चपेट में आए लोगों को उपचार के लिए नशामुक्ति केंद्र भेजने की योजना बनाई जा रही है।

पुलिस ने यह भी कहा कि नशा तस्करों के खिलाफ लगातार छापेमारी की जाएगी और इलाके में निगरानी बढ़ाई जाएगी।