उत्तर प्रदेश में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मोहम्मद इकबाल को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया है। मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश राहुल प्रकाश ने सख्त रुख अपनाते हुए इकबाल से जुड़ी तीन प्रमुख चीनी मिलों को जब्त करने के आदेश जारी किए हैं। इन संपत्तियों की अनुमानित कीमत करीब 1000 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

ईडी के मुताबिक, मोहम्मद इकबाल लंबे समय से जांच एजेंसियों से बचता रहा और कानूनी प्रक्रियाओं से दूरी बनाए रखी। ऐसे में भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (FEOA) के तहत यह कार्रवाई की गई, जिसे एजेंसी के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

मोहम्मद इकबाल को उत्तर प्रदेश में खनन से जुड़े बड़े नामों में गिना जाता है और वह पूर्व एमएलसी भी रह चुका है। उस पर मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध खनन समेत कई गंभीर आरोप हैं। इससे पहले वर्ष 2024 में ईडी ने उसकी कथित तौर पर अवैध तरीके से स्थापित एक यूनिवर्सिटी को भी जब्त किया था, जिसका संचालन उसके परिवार के सदस्यों द्वारा किया जा रहा था।

फिलहाल, एजेंसियां इस पूरे मामले में आगे की जांच में जुटी हुई हैं और इकबाल की अन्य संपत्तियों पर भी नजर रखी जा रही है।