मुजफ्फरनगर। शहर कोतवाली क्षेत्र के न्याजूपुरा में काली नदी के किनारे स्थित एक तेल गोदाम को शुक्रवार को मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण (एमडीए) ने सील कर दिया। इस कार्रवाई को गोदाम मालिक फरमान सिद्दीकी ने मनमाना बताते हुए आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि सीलिंग का नोटिस हाजी कमर के नाम पर चस्पा किया गया, जबकि संपत्ति उनके निजी स्वामित्व में है।

फरमान सिद्दीकी ने बताया कि यह गोदाम रहिसा के नाम पर पंजीकृत है और उनकी व्यक्तिगत संपत्ति है। उन्होंने आरोप लगाया कि एमडीए की टीम उनके अनुपस्थित रहने के दौरान पहुंची और बिना किसी पूर्व सूचना, जांच या दस्तावेज़ों की पड़ताल किए गोदाम को सील कर दिया। साथ ही, नोटिस हाजी कमर के नाम पर चिपकाया गया, जिनका इस संपत्ति से कोई संबंध नहीं है।

सिद्दीकी ने कहा, "हाजी कमर कौन हैं, यह एमडीए को पता होना चाहिए। अगर नोटिस उनके नाम पर है, तो उनकी संपत्ति पर कार्रवाई की जाए, मेरी संपत्ति पर क्यों सील लगाई गई?" उन्होंने इस कार्रवाई को घोर लापरवाही और मनमानी बताया और तत्काल सील हटाने की मांग की।

एमडीए ने गोदाम को अवैध अतिक्रमण बताते हुए कार्रवाई की है। हालांकि, फरमान सिद्दीकी का कहना है कि नोटिस में हाजी कमर का नाम गलत तरीके से शामिल किया गया। उन्होंने एमडीए से उन दस्तावेजों की मांग की है, जिनके आधार पर यह नोटिस जारी किया गया।

सिद्दीकी ने कहा कि एमडीए की ऐसी कार्रवाई से व्यापारियों का भरोसा प्रभावित हो रहा है और भविष्य में ऐसी मनमानी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह गलती साबित होती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।

इस मामले पर एमडीए की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, और नोटिस में हाजी कमर का नाम शामिल किए जाने की वजह का भी कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है।