एमएसपी समेत विभिन्न किसान मुद्दों पर भाकियू ने जिले में 10 स्थानों पर धरना प्रदर्शन किया। भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि किसान वर्तमान में मुश्किल हालात का सामना कर रहा है। सरकार को किसानों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए। जब तक किसान खुशहाल नहीं होगा, देश खुशहाल नहीं हो सकता।

रविवार को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भाकियू ने पुरकाजी क्षेत्र के फलौदा, देवबंद मार्ग पर रोहाना, मोरना में चौधरी चरण सिंह चौक, जानसठ में खतौली बाईपास, खतौली में नावला कोठी, बुढ़ाना में बायवाला और फुगाना, शामली रोड पर लालूखेड़ी, चरथावल और शाहपुर में धरना प्रदर्शन किया। फुगाना और बायवाला पर अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत किसानों के बीच पहुंचे, जबकि रोहाना कलां और नावला में किसानों के बीच भाकियू प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत पहुंचे। नरेश टिकैत ने कहा कि सरकार को किसानों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए।

भाकियू प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि देश का किसान बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहे, कभी भी ट्रैक्टर की जरूरत पड़ सकती है। देश के डावांडोल आर्थिक हालात को केवल कृषि ने ही अपने दम पर संबल देने काम किया है। लेकिन किसान घाटे में जाती खेती की वजह से संकट का सामना कर रहा है। खेती से आय लगातार घट रही है, इसी वजह से वह शहरों की ओर पलायन करने को मजबूर है। भाकियू जिलाध्यक्ष योगेश शर्मा ने बताया कि प्रशासन के अधिकारियों के माध्यम से मांगपत्र भेजे गए हैं।

यह रखी गई प्रमुख मांग

  • एमएसपी गारंटी कानून बनाने के मामले में केंद्र सरकार की ओर से ऐसी कमेटी बनाई गई है, जिस पर संयुक्त किसान मोर्चा को विश्वास ही नहीं है। कानून को अमल में लाने की दिशा में पहल की जाए।
  • फसलों के उचित लाभकारी मूल्य के लिए स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को केंद्र सरकार लागू करे। इसके लिए सी 2क़े फामूले को लागू किया जाए। देश में एक अलग से किसान आयोग का गठन किया जाए।
  • अग्निपथ योजना में चयन के बाद 75 फीसदी जवानों की छंटनी से युवा बेरोजगार होंगे। उनके भविष्य और देश की उन्नति के लिए युवाओं को देश की अन्य एजेंसियों में अनिवार्य तौर पर चयन किया जाए। चयन न होने तक की दिशा में उन्हें बेरोजगारी भत्ता भी दिया जाए।
  • सात राज्यों में किसानों को बिजली मुफ्त में देने का काम राज्य सरकारें कर रही हैं। बाकी राज्यों में भी किसानों को मुफ्त बिजली दी जाए।
  • आवारा पशुओं की समस्या विकराल रूप धारण कर रही है। विशेष नीति के तहत छुट्टा पशुओं को गऊशालाओं में पहुंचवाने के लिए पंचायत स्तर पर जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाए।