भाकियू तोमर ने पुलिस पर भष्ट्राचार व किसानों से दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए छपार थाने में घन्टों पर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान खुड्डा के शादाब हत्याकांड का भी सही राजफाश न करने का आरोप लगाया गया।
सोमवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत भाकियू तोमर के सैकड़ों पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता छपार थाने पर पहुंचे और दरी बिछाकर धरना देकर बैठ गए। युवा जिलाध्यक्ष अंकित गुर्जर ने कहा कि छपार पुलिस बेलगाम हो गई, बिना रिश्वत के कोई कार्य नही हो रहा है। थाने में तैनात एक दरोगा पीडित पक्ष से रिश्वत लेकर उसी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करा रहा है। दरोगा थाने में किसानों के साथ दुर्व्यवहार करता है। भूमाफियाओं के साथ मिला हुआ है। कुछ दिनों पूर्व खुड्डा में डकैती के बाद बदमाशों ने शादाब की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिसका पुलिस ने राजफाश कर दिया, परंतु परिजन कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है, पुलिस ने अपना गुड वर्क दिखाने के चक्कर में कई निर्दोष लोगों को भी जेल भेज दिया है, जबकि मुख्य आरोपी को नही पकडा गया है। क्षेत्र के गांव रेई व बसेडा में किसानों के यहां हुई चोरी का पुलिस राजफाश नही कर सकी है।
प्रभारी निरीक्षक आशुतोष कुमार ने कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया, परंतु वह अपने मांगों पर अडे रहे। इस दौरान पुलिस व भाकियू तोमर के पदाधिकारियों में नोकझोक भी हुई। घन्टों चले हंगामे के बाद सीओ सदर यतेंद्र सिंह नागर ने किसानों को समझाकर शान्त किया और सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान कराने का आश्वासन दिया। भाकियू पदाधिकारियों ने सीओ को ज्ञापन देकर ही धरना समाप्त किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नवाब प्रधान व संचालन जिला उपाध्यक्ष चंदन त्यागी ने किया। इस दौरान मुख्य रुप से मंडल महासचिव मुकेश गुर्जर, अयुब मार्शल, रिजकार कारी, सलीम मलिक, जाहिद सिसौना, नदीम खुड्डा, मौहम्मद शमसुद्दीन, कलीम प्रधान, विनित त्यागी आदि मौजूद रहे।