मुजफ्फरनगर। भ्रष्टाचार और भूमाफियाओं के खिलाफ मास्टर विजय सिंह का सत्याग्रह गुरुवार को 30 वर्ष पूरे कर गया। तीन दशक से जारी यह आंदोलन अब देश-दुनिया के सबसे लंबे धरनों में गिना जा रहा है। विभिन्न रिकॉर्ड पुस्तकों में इसे स्थान मिलने का दावा भी किया जा रहा है।
मास्टर विजय सिंह पिछले कई वर्षों से ग्राम चौसाना (जनपद शामली) की लगभग चार हजार बीघा सार्वजनिक भूमि को कब्जा मुक्त कराने की मांग उठा रहे हैं। उनका कहना है कि इस जमीन पर अवैध कब्जा है और इसकी वर्तमान कीमत करोड़ों रुपये में आंकी जा सकती है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि उनकी शिकायत निराधार साबित होती है तो वे दंड स्वीकार करने को तैयार हैं।
जानकारी के अनुसार, 26 फरवरी 1996 को उन्होंने मुजफ्फरनगर कलक्ट्रेट परिसर में सत्याग्रह शुरू किया था। सितंबर 2019 तक धरना वहीं चलता रहा। बाद में प्रशासनिक निर्णय के तहत धरना स्थल को शिव चौक स्थित पालिका बाजार क्षेत्र में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां वे आज भी डटे हुए हैं।
मास्टर विजय सिंह का दावा है कि वर्ष 2008 में करीब 300 बीघा भूमि को कब्जा मुक्त कराया गया था, लेकिन उसके बाद से कार्रवाई ठप है। वर्ष 2019 में उन्होंने शामली में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर मामले में हस्तक्षेप की मांग भी की थी। उनका कहना है कि जांच प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन जमीन को पूरी तरह खाली नहीं कराया गया।
मास्टर विजय सिंह के समर्थकों का कहना है कि उनका 30 वर्षीय सत्याग्रह कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड पुस्तकों में दर्ज किया गया है। वे महात्मा गांधी के अहिंसक आंदोलन से प्रेरित होकर हर मौसम में 24 घंटे धरनारत रहते हैं।
लंबे आंदोलनों की बात करें तो अमेरिका में परमाणु निरस्त्रीकरण की मांग को लेकर व्हाइट हाउस के बाहर विलियम थॉमस ने करीब 27 वर्षों तक धरना दिया था। वहीं मणिपुर की इरोम शर्मिला ने सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम (AFSPA) के विरोध में 16 साल तक अनशन किया था। इन उदाहरणों के बीच मास्टर विजय सिंह का तीन दशक लंबा आंदोलन अब सबसे लंबे सतत धरनों में शामिल बताया जा रहा है।