अलीगढ़ जिले में परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत वर्ष 2025 में कराई गई नसबंदी के बावजूद 64 महिलाओं के फिर से गर्भवती होने के मामले सामने आए हैं। इन प्रकरणों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, हालांकि तय समय-सीमा का पालन न होने के कारण आठ महिलाओं के दावे खारिज कर दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, नसबंदी विफल होने के मामलों में अब तक 62 महिलाओं की अपील पर मुआवजा राशि विभाग को प्राप्त हो चुकी है। वहीं, छह अलग-अलग विकासखंडों से जुड़े आठ मामलों में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर भुगतान नहीं किया जाएगा। नियमानुसार, नसबंदी के बाद गर्भधारण की सूचना 90 दिनों के भीतर विभाग को देना अनिवार्य होता है।
खारिज किए गए मामलों में लोधा और छर्रा ब्लॉक से दो-दो, जबकि अकराबाद, जवां, टप्पल और गोंडा से एक-एक मामला शामिल है। इन प्रकरणों की सूचना संबंधित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सा अधीक्षकों को दे दी गई है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नीरज त्यागी ने बताया कि जिले में कुल 64 नसबंदी फेलियर के मामले दर्ज हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि समय सीमा के बाद किए गए दावों को नियमों के तहत स्वीकार नहीं किया जा सकता।
महिलाओं की भागीदारी अधिक, पुरुषों की संख्या कम
परिवार नियोजन कार्यक्रम के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2024 में महिलाओं ने तय लक्ष्य से अधिक सहभागिता दिखाई। उस वर्ष 6,000 के लक्ष्य के मुकाबले 6,200 महिला नसबंदी की गईं, जबकि पुरुष नसबंदी का लक्ष्य 80 के सापेक्ष केवल 40 ही हो सकीं।
वहीं, वर्ष 2025 में अब तक महिला नसबंदी का प्रदर्शन कमजोर रहा है। 6,000 के लक्ष्य के मुकाबले केवल 3,000 महिलाओं ने नसबंदी कराई है। पुरुष नसबंदी में भी सुधार सीमित रहा है, जहां 80 के लक्ष्य के सामने 42 मामलों ही दर्ज हो पाए हैं। आंकड़े बताते हैं कि पुरुषों की भागीदारी अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है।
अस्थायी साधनों की ओर बढ़ता रुझान
स्थायी नसबंदी के विकल्प के रूप में वर्ष 2025 में बड़ी संख्या में महिलाओं ने प्रसव के बाद परिवार नियोजन के अस्थायी उपायों को अपनाया है। इनमें कॉपर-टी और अंतरा इंजेक्शन जैसे साधनों पर भरोसा बढ़ा है।
प्रोत्साहन राशि का विवरण
सरकार की ओर से परिवार नियोजन को बढ़ावा देने के लिए महिला नसबंदी पर 2,000 रुपये, प्रसव पश्चात नसबंदी और पुरुष नसबंदी पर 3,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।