गंगानगरी में ब्रजघाट क्षेत्र में प्रस्तावित मल्टीलेवल पार्किंग परियोजना को लेकर गुरुवार को राजनीतिक और स्थानीय स्तर पर माहौल गर्मा गया। क्षेत्रीय विधायक हरेंद्र सिंह तेवतिया शिलान्यास कार्यक्रम से पहले ही निर्माण स्थल पर पहुंचे और पर्यटन विभाग के अधिकारियों से योजना की व्यवहार्यता पर कड़ा सवाल किया।

विधायक ने कहा कि यह स्थल अनावश्यक है क्योंकि यहां हर साल बरसात और गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण करीब पांच महीने तक पानी भर जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि करोड़ों रुपये खर्च कर बनी पार्किंग लंबे समय तक उपयोगी नहीं रहेगी और श्रद्धालुओं के लिए परेशानी बढ़ सकती है। इसके अलावा, उन्होंने यह भी बताया कि ब्रजघाट पर आने वाले श्रद्धालु केवल कारों से ही नहीं आते, बल्कि ट्रैक्टर-ट्रॉली और भैंसा-बुग्गी जैसे बड़े वाहनों की भी संख्या अधिक है, जिन्हें मल्टीलेवल पार्किंग में समायोजित करना मुश्किल होगा।

इस मौके पर विधायक ने परियोजना निदेशक को सस्पेंड करने की बात भी कही और अधिकारियों को योजना के वास्तविक लाभ और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखने की हिदायत दी।

स्थानीय लोगों ने भी योजना पर आपत्ति जताई। निवासी विनय मिश्रा और कपिल नागर ने कहा कि पर्यटन विभाग पहले भी ब्रजघाट में कई परियोजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च कर चुका है, लेकिन उनका फायदा जनता तक नहीं पहुंचा। उन्होंने लेजर शो, फव्वारा और एम्यूजमेंट पार्क जैसी पुरानी योजनाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि वे अब जर्जर हालत में हैं। उनका मानना है कि नई परियोजना शुरू करने से पहले पुराने खर्चों और उनकी उपयोगिता का मूल्यांकन करना जरूरी है।

विधायक द्वारा अधिकारियों को फटकार लगाते हुए और योजना की कमियों को उजागर करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना के बाद मल्टीलेवल पार्किंग परियोजना पर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोग चाहते हैं कि योजना को लागू करने से पहले स्थल की उपयुक्तता और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का पुनर्मूल्यांकन किया जाए, ताकि भविष्य में करोड़ों रुपये का निवेश व्यर्थ न जाए।