लखनऊ। समाजवादी पार्टी में संभावित टूट और सांसदों की नाराजगी को लेकर चल रही राजनीतिक चर्चाओं के बीच सुभासपा अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने एक बार फिर सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कई पोस्ट करते हुए सपा के भीतर असंतोष और बगावत के संकेत होने का दावा किया।
राजभर ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए लिखा कि वह बार-बार मुंबई जा रहे हैं, जबकि उन्हें अपनी पार्टी के भीतर की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के कुछ नेता और सांसद असंतुष्ट हैं और पार्टी नेतृत्व को उनकी नाराजगी दूर करने पर ध्यान देना चाहिए।
सांसदों के टूटने को लेकर किया बड़ा दावा
ओम प्रकाश राजभर ने बिना किसी सांसद का नाम लिए कहा कि समाजवादी पार्टी के भीतर एक ऐसा समूह तैयार हो रहा है, जो भविष्य में अलग राह चुन सकता है। उन्होंने दावा किया कि इस समूह का नेतृत्व पूर्वांचल के एक सांसद के हाथ में हो सकता है। हालांकि उन्होंने किसी भी नेता या सांसद का नाम सार्वजनिक नहीं किया।
राजभर ने यह भी आरोप लगाया कि हाल ही में आयोजित एक कार्यक्रम में ब्राह्मण समाज की उपेक्षा की गई, जिससे पार्टी के कुछ नेता नाराज हैं। उनके अनुसार, इस घटना ने पहले से चल रही नाराजगी को और बढ़ाने का काम किया है।
‘सांसद बचाओ अभियान’ चलाने की दी सलाह
सुभासपा प्रमुख ने कहा कि उनकी एक टिप्पणी के बाद समाजवादी पार्टी के कई नेता और समर्थक प्रतिक्रिया देने में जुट गए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव को सोशल मीडिया पर जवाब देने के बजाय अपने असंतुष्ट सांसदों और नेताओं से संवाद करना चाहिए।
राजभर ने सुझाव दिया कि पार्टी नेतृत्व को नाराज नेताओं से मिलकर उनकी शिकायतें सुननी चाहिए और यदि जरूरत हो तो उनसे माफी भी मांगनी चाहिए।
दलित उत्पीड़न के मुद्दे पर भी साधा निशाना
ओम प्रकाश राजभर ने दलितों पर अत्याचार के मुद्दे पर भी समाजवादी पार्टी को घेरने की कोशिश की। उन्होंने पुलिस रिकॉर्ड का हवाला देते हुए दावा किया कि विभिन्न जिलों में दर्ज मामलों के आंकड़े अलग तस्वीर पेश करते हैं। राजभर ने कई जोन के अपराध संबंधी आंकड़ों का उल्लेख करते हुए सपा के आरोपों को चुनौती दी।
हालांकि समाजवादी पार्टी की ओर से राजभर के इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक गलियारों में अब इन बयानों को लेकर चर्चाएं तेज हैं और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर बयानबाजी और बढ़ सकती है।