शिमला: सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल हत्याकांड में गिरफ्तार दोनों शूटरों को अदालत ने 7 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। इस बीच वारदात से जुड़ा एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में नकाबपोश हमलावर मनीषा मित्तल पर अचानक गोलियां चलाते हुए दिखाई दे रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, हमलावरों ने मनीषा के सिर पर तीन गोलियां चलाई थीं, जिनमें से दो गोलियां सिर के आर-पार निकल गईं, जबकि एक गोली पोस्टमार्टम के दौरान सिर से बरामद की गई। पुलिस ने घटनास्थल से गोली के खोल भी जब्त किए हैं। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों शूटर मौके से फरार हो गए थे।
हरियाणा से हुई थी शूटरों की गिरफ्तारी
पुलिस ने इस मामले में सोमवार को हरियाणा के रोहतक से आशीष अहलावत (22) और दीपक (25) को गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपी झज्जर और रोहतक जिले के निवासी हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इनके खिलाफ पहले भी अवैध वसूली और आर्म्स एक्ट जैसे मामले दर्ज रह चुके हैं। इसी आधार पर पुलिस इस हत्याकांड को सुपारी किलिंग और पुरानी रंजिश से जोड़कर भी जांच कर रही है।
वारदात के दिन ही पूरा हुआ था प्रबंधन समिति का कार्यकाल
जांच में एक अहम तथ्य सामने आया है कि जिस दिन 13 जून को मनीषा मित्तल की हत्या हुई, उसी दिन स्कूल की प्रबंधन समिति का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा था। यह केवल संयोग है या किसी गहरी साजिश का हिस्सा, इसकी जांच जारी है।
अभिभावकों की मांग पर जिला प्रशासन ने स्कूल का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है और सभी दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन को प्रबंधन से कुछ अहम जानकारी भी मिली है।
प्रशासन ने रिकॉर्ड तलब किया, जांच तेज
स्कूल की संचालन समिति 14 जून 2023 को गठित हुई थी, जिसके चेयरमैन हिमांक मित्तल थे। समिति का तीन साल का कार्यकाल 13 जून 2026 को पूरा होना था, ठीक उसी दिन यह हत्याकांड भी हुआ।
हिमांक मित्तल ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उनका इस घटना से कोई संबंध नहीं है और उन पर भी हमला हुआ था। वहीं पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है और दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है।
जिला प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन को तीन दिन के भीतर पूरा रिकॉर्ड सौंपने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का मानना है कि दस्तावेजों की जांच से मामले में और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। स्कूल की नई संचालन समिति का गठन अगले छह महीनों में किया जाना प्रस्तावित है, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासक को सौंपी गई है।