अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी से जुड़े मामले की जांच में पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। सोमवार को इस प्रकरण में राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का बयान दर्ज किया गया। इसके साथ ही ट्रस्ट से जुड़े अन्य वरिष्ठ सदस्यों और अधिकारियों को भी पूछताछ के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।
पुलिस अब इस मामले को केवल कुछ गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित नहीं मान रही है, बल्कि पूरे प्रशासनिक और वित्तीय ढांचे की गहन जांच की जा रही है। इसी क्रम में ट्रस्ट से जुड़े लगभग 70 से 80 लोगों को नोटिस भेजा गया है, जिनमें कर्मचारी, अधिकारी और प्रबंधन से जुड़े अन्य लोग शामिल हैं। इसके अलावा करीब 140 लोगों को गवाह के तौर पर बुलाकर उनके बयान दर्ज करने की तैयारी है, ताकि पूरे घटनाक्रम की कड़ी को जोड़ा जा सके।
चंपत राय से कई पहलुओं पर सवाल-जवाब
सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान पुलिस ने चंपत राय से चढ़ावे के संग्रह, उसके सुरक्षित रखरखाव, बैंक में जमा करने की प्रक्रिया और निगरानी व्यवस्था को लेकर विस्तृत जानकारी ली। साथ ही प्रशासनिक फैसलों, कर्मचारियों की जिम्मेदारी और शिकायतों के निपटारे से जुड़े बिंदुओं पर भी सवाल किए गए।
पुलिस का कहना है कि दर्ज किए गए बयान को अन्य गवाहों और दस्तावेजी साक्ष्यों से मिलान किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर आगे भी उनसे पूछताछ की जा सकती है। हालांकि, जांच से जुड़े अधिकारियों ने अभी तक किसी निष्कर्ष या विस्तृत खुलासे से परहेज किया है।
नियुक्तियों और रिकॉर्ड की भी जांच
जांच के दौरान पुलिस ने मंदिर से जुड़े कुछ कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया और उनके सत्यापन रिकॉर्ड की भी जांच शुरू की है। इसके अलावा कई संदिग्धों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाले जा रहे हैं, ताकि आपसी संपर्क और घटनाक्रम की कड़ियों को समझा जा सके।
अधिकारियों के मुताबिक, यह मामला संवेदनशील है, इसलिए किसी भी व्यक्ति की भूमिका पर अंतिम टिप्पणी अभी नहीं की जा सकती। पुलिस का कहना है कि सभी दस्तावेज, सीसीटीवी फुटेज, वित्तीय रिकॉर्ड और गवाहों के बयान का समन्वय करने के बाद ही आगे की कार्रवाई और जिम्मेदारी तय की जाएगी।