मुजफ्फरनगर। चरथावल थाना क्षेत्र के गांव पावटी में प्रस्तावित शराब के ठेके को लेकर स्थानीय ग्रामीणों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने परिसर में नारेबाजी करते हुए शराब का ठेका निरस्त करने की मांग उठाई। महिलाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर “शराब का ठेका नहीं चाहिए, शिक्षा चाहिए”, “गांव बचाओ, शराब हटाओ” और “शराब मुक्त गांव हमारा अधिकार है” जैसे नारे लगाए। इस दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।

ग्रामीणों ने जताई सख्त आपत्ति
प्रदर्शन का नेतृत्व त्यागी भूमिहार ब्राह्मण समाज समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष मांगेराम त्यागी ने किया। उन्होंने कहा कि आबादी के नजदीक शराब का ठेका खुलने से सामाजिक माहौल बिगड़ेगा और युवाओं में नशे की प्रवृत्ति बढ़ेगी। इसके साथ ही उन्होंने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर भी खतरे की आशंका जताई।
ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि वे किसी भी स्थिति में गांव में शराब का ठेका खुलने नहीं देंगे।
प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम
मांगेराम त्यागी ने जिला प्रशासन को सात दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि इस अवधि में ठेका निरस्त नहीं किया गया तो बड़ा जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो ग्रामीण विरोध स्वरूप शराब के ठेके को उठाकर जिला अधिकारी कार्यालय के सामने रख देंगे।

लापरवाही के आरोप और ज्ञापन सौंपा गया
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा उनकी आपत्तियों को नजरअंदाज किया जा रहा है, जबकि पूरे गांव में इसका व्यापक विरोध है।
प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें प्रस्तावित शराब ठेके को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की गई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और अधिक तेज किया जाएगा।