अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी और दान राशि में अनियमितता के मामले की जांच तेज हो गई है। राज्य सरकार की एसआईटी और अयोध्या पुलिस संयुक्त रूप से इस पूरे प्रकरण की गहराई से पड़ताल कर रही है। शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर एक अज्ञात सहित नौ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था, जिनमें से आठ को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

चंपत राय से लंबी पूछताछ

जांच के क्रम में पुलिस ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय से सोमवार को पूछताछ की। बंद कमरे में हुई इस पूछताछ में उनसे चढ़ावे की गणना, सुरक्षा व्यवस्था, दान संग्रह प्रक्रिया और बैंक में जमा कराने की पूरी प्रणाली से जुड़े सवाल किए गए।

सूत्रों के अनुसार, पुलिस टीम ने ट्रस्ट से जुड़े अन्य पदाधिकारियों और कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए हैं और पूरे दान संग्रह सिस्टम की बारीकी से जांच की जा रही है।

बैंक शाखा में भी पहुंची जांच टीम

जांच के दौरान पुलिस की टीम अयोध्या धाम स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में भी पहुंची, जहां राम मंदिर का खाता संचालित होता है। यहां बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की गई और आवश्यक दस्तावेज भी कब्जे में लिए गए।

बताया जा रहा है कि इस मामले में छह आउटसोर्सिंग कर्मचारी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जो चढ़ावा गिनने और बैंक में जमा करने की प्रक्रिया से जुड़े थे। इनमें अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष यादव और रमाशंकर सहित अन्य कर्मचारी शामिल हैं।

20 दिनों तक चली अनदेखी पर सवाल

सूत्रों का कहना है कि यह मामला करीब 20 दिनों तक दबा रहा, लेकिन बाद में खुलासा होने पर ट्रस्ट प्रशासन पर सवाल खड़े हो गए। इसके बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और अन्य पदाधिकारियों पर इस्तीफे का दबाव बढ़ा।

हालांकि शुरुआत में इस्तीफा देने से इनकार किया गया, लेकिन बढ़ते दबाव के बाद पद छोड़ने की प्रक्रिया सामने आई। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी की ओर से जारी पत्र में बताया गया कि इस्तीफों पर अगली बैठक में निर्णय लिया जाएगा।