अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित गबन मामले को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के भीतर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। ट्रस्ट सदस्य महंत दिनेंद्र दास महाराज ने मंदिर के सहायक प्रशासक गोपाल राव पर निशाना साधते हुए कहा कि मौजूदा विवाद के पीछे उनकी भूमिका प्रमुख है। उनका आरोप है कि मंदिर की पारंपरिक कार्यप्रणाली से हटकर प्रशासनिक मामलों में अनावश्यक हस्तक्षेप और राजनीतिक दृष्टिकोण अपनाने से स्थिति जटिल हुई है।

महंत दिनेंद्र दास ने कहा कि ट्रस्ट से जुड़े अधिकांश सदस्य भगवान राम की परंपराओं और मूल्यों के अनुरूप कार्य करते हैं, लेकिन कुछ लोग व्यवस्था को उलझाने का काम कर रहे हैं। उनके अनुसार, मंदिर प्रशासन में पैदा हुए विवादों ने श्रद्धालुओं और ट्रस्ट की छवि दोनों को प्रभावित किया है।

एसआईटी जांच पर भी उठे सवाल

वहीं, ट्रस्ट कार्यालय के प्रभारी प्रकाश गुप्ता ने विशेष जांच दल (एसआईटी) की कार्रवाई को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए। दोषी व्यक्तियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए, लेकिन ऐसे लोगों को जांच के दायरे में नहीं लाया जाना चाहिए जिनका मामले से कोई सीधा संबंध नहीं है।

प्रकाश गुप्ता ने दावा किया कि कुछ ऐसे लोगों से भी पूछताछ की जा रही है, जिनकी भूमिका अब तक सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को सावधानी के साथ कार्रवाई करनी चाहिए ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति को अनावश्यक परेशानी न हो।

गिरफ्तार आरोपियों पर कानून के अनुसार होगी कार्रवाई

उन्होंने बताया कि जिन लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। अदालत में निर्धारित तिथियों पर सुनवाई होगी और आवश्यकता पड़ने पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी पेशी कराई जा सकती है।

भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को बताया राजनीतिक

इस बीच, उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा लगाए गए आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि एसआईटी स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से जांच कर रही है तथा जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

भाजपा के राज्यसभा सांसद मनन कुमार मिश्रा ने भी कहा कि मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है और अब तक कई आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। उन्होंने भरोसा जताया कि जांच एजेंसियां पूरे प्रकरण की तह तक पहुंचकर सच्चाई सामने लाएंगी।