भारत और जापान के बीच आज द्विपक्षीय रिश्तों को नई मजबूती देने वाले कई अहम समझौते हुए। वार्षिक शिखर सम्मेलन के बाद दोनों देशों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), फार्मा और तकनीकी सहयोग से जुड़े कई करारों पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद दोनों प्रधानमंत्रियों ने संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित किया।
इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गर्मजोशी भरे अंदाज में जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची का स्वागत किया और उन्हें “मेरी छोटी बहन” कहकर संबोधित किया। पीएम मोदी का यह बयान दोनों देशों के बीच बढ़ते व्यक्तिगत और कूटनीतिक संबंधों की झलक के तौर पर देखा जा रहा है।
पीएम मोदी ने क्या कहा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री तकाइची की पहली भारत यात्रा का स्वागत करना उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि तकाइची जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं और एक दूरदर्शी तथा सम्मानित नेता हैं, जिनका नारा क्षेत्र भारत-जापान की साझा बौद्ध विरासत से जुड़ा हुआ है।
मोदी ने आगे कहा कि यह यात्रा दोनों देशों की “विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी” में एक नए अध्याय की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि भारत और जापान दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हैं और एक स्वतंत्र, स्थिर और नियम-आधारित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र दोनों की प्राथमिकता है।
तकनीक और AI पर फोकस
दोनों नेताओं ने तकनीक को सहयोग का सबसे मजबूत स्तंभ बताया। इसी दिशा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर एक संयुक्त बयान भी जारी किया गया। दोनों देशों ने डिजिटल इनोवेशन, फार्मा रिसर्च और औद्योगिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
राष्ट्रपति से मुलाकात और गार्ड ऑफ ऑनर
जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात की। इस दौरान उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। विदेश मंत्रालय के अनुसार यह दौरा भारत-जापान की विशेष रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
भारत और जापान के बीच बढ़ते ये समझौते न सिर्फ आर्थिक और तकनीकी सहयोग को नई गति देंगे, बल्कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में दोनों देशों की साझा भूमिका को भी और मजबूत करेंगे।