कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों के नतीजों को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि भाजपा की राजनीति ऐसी हो गई है, जिसमें वह अपने साथ जुड़े दलों को धीरे-धीरे कमजोर कर देती है, जिससे उनके अस्तित्व पर ही संकट खड़ा हो जाता है।
अजित पवार और एकनाथ शिंदे को दी आत्मचिंतन की नसीहत
इमरान मसूद ने कहा कि भाजपा के साथ जाने वाले नेताओं को यह समझना चाहिए कि गठबंधन के बाद उनकी राजनीतिक स्थिति क्या रह गई है। उन्होंने अजित पवार और एकनाथ शिंदे का नाम लेते हुए कहा कि दोनों नेताओं को गंभीर आत्मचिंतन करने की जरूरत है।
कांग्रेस अपनी जगह कायम: मसूद
कांग्रेस सांसद ने दावा किया कि उनकी पार्टी आज भी अपनी मूल विचारधारा और संगठनात्मक आधार के साथ मजबूती से खड़ी है, जबकि भाजपा के साथ जुड़े घटक दल लगातार सिमटते जा रहे हैं।
शिवसेना और एनसीपी का दिया हवाला
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि शिवसेना दशकों तक बीएमसी की सत्ता में रही, लेकिन अब वहां उसका प्रभाव खत्म हो चुका है, फिर चाहे वह शिंदे गुट हो या उद्धव ठाकरे का। इसी तरह एनसीपी की स्थिति भी कमजोर हो गई है।
भाजपा की रणनीति पर सवाल
इमरान मसूद ने आरोप लगाया कि भाजपा की राजनीति का मकसद सहयोगी दलों को मजबूत करना नहीं, बल्कि उन्हें धीरे-धीरे हाशिये पर पहुंचाना है, और यही उसका लंबे समय से अपनाया गया तरीका है।