सहारनपुर: गागलहेड़ी के चौराखुर्द गांव में जली हुई आल्टो कार और उसमें पाई गई झुलसी लाश के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जांच में पता चला कि यह हत्या एक कर्जदार को निशाना बनाकर की गई थी, और इसके पीछे का मास्टरमाइंड खुद को मृत दिखाने की योजना बना रहा था। पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित तीन अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया है और घटना में इस्तेमाल कार भी बरामद कर ली है।

एसएसपी अभिनंदन ने पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता में बताया कि 25 फरवरी को चौराखुर्द से चांदपुर जाने वाले मार्ग पर सड़क किनारे जली हुई कार और उसमें शव मिलने की सूचना मिली थी। फोरेंसिक टीम ने मौके पर जाकर साक्ष्य जुटाए। जली हुई गाड़ी के रजिस्ट्रेशन नंबर से मालिक की पहचान विमल उनियाल निवासी न्यू टिहरी, उत्तराखंड के रूप में हुई।

जांच में यह सामने आया कि गाड़ी को 2006 में खरीदा गया था और 2019 में एक्सचेंज ऑफर में नई गाड़ी लेने के बाद इसे कई बार बेचा गया था। एसएसपी ने बताया कि मुख्य आरोपी अर्जुन निवासी चाणचक ने 16 फरवरी को कार खरीदी थी। अर्जुन पर देहरादून के थाना डालनवाला में दुष्कर्म का मामला भी दर्ज है।

पुलिस ने बताया कि अर्जुन ने अपने भाई विजय सागर और साथियों रोबिन (ग्राम शेरपुर) और सारिक (छापुर, शेर अफगानपुर, हरिद्वार) के साथ मिलकर कर्जदार रोहित की हत्या की योजना बनाई थी। मृतक रोहित को अर्जुन ने कई बार उधार दिया था, जिसकी राशि ब्याज समेत लगभग 1.7 लाख रुपये हो गई थी।

जांच में यह भी सामने आया कि अर्जुन ने अपने भाई और दोस्तों को गागलहेड़ी थाना भेजा और कहा कि शव उसका है। आरोपितों ने यह योजना मिलकर बनाई थी ताकि मामला दुष्कर्म और कर्ज विवाद से जुड़ा हुआ लगे।

एसएसपी अभिनंदन ने बताया कि आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया और उन्हें जेल भेज दिया गया। उन्होंने ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करने वाली टीम को इनाम देने की भी घोषणा की।