नकुड़ के घाटमपुर गांव में शनिवार को एक पुलिस टीम को ग्रामीणों ने कमरे में बंधक बना लिया और हिरासत में ली गई एक महिला समेत तीन आरोपियों को मौके से भागा दिया। पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई के बाद ग्रामीणों ने उन्हें बाहर निकाल दिया। इस घटना के बाद पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर हमला
अंबेहटा चौकी प्रभारी नीरज कुमार और अन्य पुलिसकर्मी घाटमपुर गांव में वांछित जिला बदर अपराधी जावेद उर्फ टिक्कू और अन्य आरोपियों को पकड़ने पहुंचे थे। जावेद उस समय अपने परिवार के घर में मौजूद था। जैसे ही पुलिसकर्मी मकान में प्रवेश किए, ग्रामीण और कुछ महिलाएं मौके पर आ गए। उन्होंने मकान के बाहर कुंडी लगाकर हंगामा शुरू कर दिया और पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई की।
आरोपियों को भागाने का मामला
हंगामा करते हुए ग्रामीणों ने हिरासत में रखी गई एक महिला और दो अन्य आरोपियों को मौके से भागा दिया। पुलिस टीम खाली हाथ लौट गई। हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद पुलिस ने मामले में नामजद और अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
पहले भी पुलिस पर हमला हो चुका है
यह घाटमपुर में पहली बार पुलिस के साथ हिंसक झड़प नहीं हुई है। अगस्त 2024 में भी पुलिस की एक टीम नशा तस्कर को पकड़ने गई थी, तब ग्रामीणों ने पुलिस पर हमला कर दिया था। हमलावरों ने पुलिस की आंखों में मिर्च पाउडर फेंका, आरोपी को छुड़ा लिया और पुलिस की वर्दी फाड़ दी। इस हमले में कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे और पुलिस ने 31 नामजद और 25 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।
पुलिस का बयान
सीओ ने बताया कि पुलिस टीम नशे के मामले में वांछित आरोपी टिक्कू को पकड़ने गई थी। कुछ ग्रामीणों ने हंगामा कर आरोपी को भागा दिया। मामले में रिपोर्ट दर्ज कर उचित कार्रवाई की जा रही है।