संभल। कोतवाली क्षेत्र में स्थित विवादित जामा मस्जिद के समीप करीब 8 बीघा कब्रिस्तान भूमि पर बने कथित अवैध निर्माणों को हटाने की प्रक्रिया अब आगे बढ़ सकेगी। सिविल कोर्ट ने इस मामले में पहले से जारी स्थगन आदेश (स्टे) को खारिज कर दिया है, जिससे प्रशासनिक कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।
📌 क्या है पूरा मामला?
श्री कल्कि सेना के सुभाष त्यागी द्वारा जिलाधिकारी को दी गई शिकायत में दावा किया गया था कि वर्ष 1990 से पहले यह भूमि कब्रिस्तान के रूप में दर्ज थी, लेकिन बाद में इस पर अवैध रूप से मकान और दुकानें बना ली गईं।
इसके बाद प्रशासन ने 30 दिसंबर 2025 को भूमि की पैमाइश कराई थी। इस कार्रवाई के खिलाफ कुछ कब्जाधारियों ने हाईकोर्ट का रुख किया, जहां से उन्हें राहत नहीं मिली।
⚖️ सिविल कोर्ट में चला मामला
मामला आगे तहसील स्तर पर पहुंचा, जहां प्रशासन की ओर से नोटिस जारी होने के बाद कब्जाधारियों ने सिविल कोर्ट में याचिका दायर की। शुरुआत में कोर्ट ने स्टे ऑर्डर जारी करते हुए यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया था।
जनवरी 2026 में 18 में से कुछ कब्जाधारियों ने याचिका दाखिल की थी, जिसमें नगर पालिका, वक्फ बोर्ड और जिला प्रशासन को पक्षकार बनाया गया था। बाद में कुछ याचिकाकर्ताओं ने अपनी याचिका वापस ले ली।
🧾 कोर्ट में पेश हुए तर्क और सबूत
नगर पालिका की ओर से अदालत में यह तर्क दिया गया कि कब्रिस्तान भूमि पर अतिक्रमण कर गलत तरीके से स्टे हासिल किया गया था। इसके समर्थन में ठोस दस्तावेज भी प्रस्तुत किए गए।
लगातार सुनवाई के बाद सिविल जज ने मामले में सुनवाई पूरी होने तक दिया गया स्टे आदेश वापस ले लिया।
🚨 अब आगे क्या?
कोर्ट द्वारा स्टे हटाए जाने के बाद अब तहसील कोर्ट की अंतिम प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रशासन द्वारा अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। नगर पालिका के अनुसार अब इस भूमि पर किसी भी निर्माण को लेकर कोई न्यायिक रोक नहीं बची है।