चंदौली में तीन अलग-अलग जगहों पर हत्याओं को अंजाम देने वाला कथित सीरियल किलर गुरुप्रीत सिंह पुलिस मुठभेड़ में ढेर हो गया। यह कार्रवाई सोमवार रात उस समय हुई जब पुलिस उसे घटना का रिक्रिएशन कराने सकलडीहा रेलवे ट्रैक पर लेकर पहुंची थी।

जानकारी के अनुसार, चंदौली पुलिस और जीआरपी की टीम जब आरोपी को घटनास्थल पर लेकर गई, तभी उसने अचानक पुलिस का हथियार छीन लिया और फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में हुई मुठभेड़ में गुरुप्रीत सिंह की मौत हो गई, जबकि दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए सीएचसी सकलडीहा में भर्ती कराया गया है।

तीन हत्याओं से दहशत

पुलिस के अनुसार, गुरुप्रीत सिंह ने महज 24 घंटे के भीतर डीडीयू-ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन, कोलकाता-जम्मूतवी एक्सप्रेस और एक निजी अस्पताल में तीन लोगों की हत्या की थी।

पहली वारदात में उसने डीडीयू-ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन में एक यात्री को गोली मारकर चलती ट्रेन से फेंक दिया था। दूसरी घटना कोलकाता-जम्मूतवी एक्सप्रेस में हुई, जहां एक यात्री की सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। तीसरी घटना एक निजी अस्पताल में हुई, जहां उसने इलाज के लिए आए एक मरीज को निशाना बनाया।

अस्पताल से पकड़ा गया था आरोपी

तीसरी वारदात के बाद आरोपी अस्पताल पहुंचा था, जहां पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से उसे पकड़ लिया गया था। इसके बाद पूछताछ में उसने तीनों हत्याओं की बात स्वीकार की थी।

हथियारों का जखीरा बरामद

पुलिस ने बताया कि आरोपी के पास से रिवॉल्वर, डबल बैरल बंदूक और बड़ी संख्या में कारतूस बरामद हुए हैं। सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के जरिए भी उसकी मौजूदगी घटनास्थलों पर साबित हुई है।

पूर्व सैनिक था आरोपी

एसपी के अनुसार गुरुप्रीत सिंह मूल रूप से अमृतसर का रहने वाला था और पूर्व में सुरक्षा गार्ड की नौकरी कर चुका था। कुछ दिन पहले ही वह नौकरी छोड़कर इलाके में घूम रहा था।

जांच जारी

पुलिस का कहना है कि आरोपी की गतिविधियों और वारदातों के पीछे की वजहों की गहन जांच की जा रही है। मामले में जीआरपी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम जांच में जुटी हुई है।