समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि चुनाव समाप्त होते ही भाजपा को अचानक संकट नजर आने लगता है, जबकि असली संकट खुद भाजपा की नीतियां हैं।
“भाजपा ही असली संकट है”
अखिलेश यादव ने कहा कि देश के सामने अगर कोई बड़ा संकट है तो वह भाजपा की कार्यशैली और फैसले हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब तरह-तरह की पाबंदियां और नियंत्रण लगाए जाएंगे, तो फिर सरकार के पांच ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को कैसे हासिल किया जा सकेगा।
उन्होंने आगे कहा कि ऐसा लग रहा है कि सरकार के हाथ से आर्थिक नियंत्रण फिसलता जा रहा है, जहां डॉलर लगातार मजबूत हो रहा है और रुपया कमजोर होता जा रहा है।
सोने की खरीद को लेकर टिप्पणी
भाजपा की ओर से सोने की खरीद कम करने की अपील पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि यह संदेश आम जनता के बजाय पार्टी के अपने नेताओं को दिया जाना चाहिए। उनका कहना था कि आम लोग पहले ही महंगे दामों के कारण सोना खरीदने की स्थिति में नहीं हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के कुछ नेता कथित तौर पर काले धन को सोने में बदलने का काम कर रहे हैं, और यह स्थिति लखनऊ से लेकर अन्य राज्यों तक देखी जा सकती है।
चुनावी राजनीति और समाज पर आरोप
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि भाजपा ने चुनावी प्रक्रियाओं में अनियमितताओं के जरिए लोकतंत्र को प्रभावित किया है। उनके अनुसार, राजनीतिक वातावरण में बढ़ती नफरत ने समाज के आपसी सौहार्द को भी नुकसान पहुंचाया है।