अमेठी। जिले के होनहार क्रिकेटर प्रशांत वीर की उपलब्धि पर भाजपा जिला अध्यक्ष सुधांशु शुक्ला ने पूर्व सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से उनके पिता रामेंद्र त्रिपाठी की फोन पर बातचीत कराई। इस दौरान स्मृति ईरानी ने प्रशांत वीर की सफलता की सराहना करते हुए पूरे परिवार को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि अमेठी आगमन के दौरान वह प्रशांत वीर के घर जाकर परिवार से भेंट करेंगी। स्मृति ईरानी ने कहा कि प्रशांत वीर ने कठिन परिश्रम और समर्पण से न केवल जिले बल्कि प्रदेश का नाम रोशन किया है, जो अमेठी के लिए गर्व की बात है।

भाजपा जिला अध्यक्ष सुधांशु शुक्ला ने बताया कि प्रशांत वीर उनके घर के पास ही रहते हैं और उनके परिवार से वर्षों पुराना पारिवारिक संबंध रहा है। उन्होंने कहा कि स्थानीय क्रिकेट प्रतियोगिताओं में खेलते समय ही प्रशांत वीर की प्रतिभा स्पष्ट दिखाई देने लगी थी। जिलाध्यक्ष ने विश्वास जताया कि जल्द ही उन्हें आईपीएल के मैदान पर खेलते हुए देखा जाएगा और आने वाले समय में वह देश के लिए भी खेलेंगे। उन्होंने कहा कि प्रशांत वीर की सफलता युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और ऐसे खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग मिलना चाहिए।

आईपीएल नीलामी में रचा इतिहास, 14.20 करोड़ में चेन्नई टीम ने किया शामिल

आईपीएल 2026 की तैयारियों के बीच मंगलवार को अबू धाबी में हुई मिनी नीलामी अमेठी के लिए ऐतिहासिक साबित हुई। जिले के उभरते क्रिकेटर प्रशांत वीर नीलामी में सबसे महंगे अनकैप्ड खिलाड़ी बने। चेन्नई सुपर किंग्स ने उन्हें 14.20 करोड़ रुपये में अपनी टीम में शामिल किया।

संग्रामपुर क्षेत्र के गूजीपुर गांव निवासी प्रशांत वीर की इस उपलब्धि से पूरे जिले और प्रदेश में खुशी का माहौल है। उनकी प्रारंभिक शिक्षा ब्लॉक संग्रामपुर स्थित भारद्वाज एकेडमी और केपीएस स्कूल में हुई। बचपन से ही क्रिकेट के प्रति उनकी गहरी रुचि रही। शहर के डॉ. भीमराव आंबेडकर स्टेडियम में क्रिकेट कोच गालिब अंसारी के मार्गदर्शन में उन्होंने खेल की बारीकियां सीखी।

प्रतिभा के निखार के बाद उनका चयन स्पोर्ट्स हॉस्टल मैनपुरी में हुआ, जहां से उन्होंने कक्षा नौ और दस की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने सहारनपुर से इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण की। प्रशांत वीर स्कूल फेडरेशन ऑफ इंडिया की अंडर-19 टीम का हिस्सा रह चुके हैं और हाल ही में उनका चयन रणजी टीम में भी हुआ है। आईपीएल जैसी प्रतिष्ठित लीग में इतनी बड़ी बोली लगना उनकी मेहनत और संभावनाओं का प्रमाण है। उनकी सफलता ने अमेठी के युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने की नई प्रेरणा दी है।